- केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने निर्दलीय सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी को न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा बताया
- चिराग ने कहा कि बिना ठोस सबूत के किसी सांसद को गिरफ्तार नहीं किया जा सकता,जांच एजेंसियों के पास प्रमाण होंगे
- उन्होंने कहा कि अगर कोई दोषी पाया गया तो उसे नहीं बख्शा जाएगा, और निर्दोषों को कोई नुकसान नहीं होगा
निर्दलीय सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी के बाद से फिर एक बार बिहार की सियासत गरमा गई है. पप्पू यादव की गिरफ्तारी को अब केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने भी सही ठहराया है.उन्होंने इसे न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा बताया. चिराग ने कहा कि किसी भी सांसद को बिना किसी ठोस आधार या सबूत के गिरफ्तार नहीं किया जा सकता.हाजीपुर पहुंचे चिराग पासवान ने परिसदन में पत्रकारों के सवाल पर कहा कि जिस तरीके से गिरफ्तारी के समय एक भय का माहौल बनाया गया, यह शोभा नहीं देता.उन्हें सहयोग करना चाहिए था.
जरूर कुछ सबूत मिले होंगे तभी ऐक्शन हुआ...
चिराग पासवान ने इल पूरे मु्द्दे पर कहा कि यह पूरी तरह से एक कानूनी प्रक्रिया है और हर किसी को देश की न्याय प्रणाली पर भरोसा रखना चाहिए. उन्होंने तर्क दिया कि जांच एजेंसियों के पास यकीनन कुछ ऐसे तथ्य या प्रमाण होंगे,जिनके आधार पर यह कार्रवाई की गई है.उन्होंने कहा,"बिना किसी आधार के किसी सांसद पर ऐसी कार्रवाई नहीं की जाती".चिराग ने आश्वासन दिया कि एनडीए सरकार में अगर कोई निर्दोष है तो उसे कोई नुकसान नहीं होगा,लेकिन यदि कोई दोषी पाया जाता है,तो उसे बख्शा नहीं जाएगा.
ये तो कानून का पालन है...
चिराग ने कांग्रेस और आरजेडी पर निशाना साधते हुए कहा कि 'बदले की राजनीति' करना विपक्षी दलों का तरीका रहा है,जबकि यह गिरफ्तारी केवल कानून का पालन है. बता दें कि 31 साल पुराना मामले में पप्पू यादव को पटना पुलिस ने 6 फरवरी 2026 की देर रात गिरफ्तार किया.यह गिरफ्तारी गर्दनीबाग थाने में दर्ज धोखाधड़ी (420),जालसाजी (468) और आपराधिक साजिश (120B) जैसे आरोपों से जुड़ी है.शनिवार (7 फरवरी) को उन्हें पटना की एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश किया गया,जहां से उन्हें दो दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.गिरफ्तारी के बाद पप्पू यादव की तबीयत खराब होने की खबर आई,जिसके बाद उन्हें PMCH में भर्ती कराया गया है. उनकी जमानत याचिका पर सोमवार 9 फरवरी 2026 को सुनवाई होने की उम्मीद है.













