बिहार के बेटे की ईरान-इजरायल जंग में मौत, ओमान की खाड़ी में तेल टैंकर पर हुआ था मिसाइल अटैक

हमले के दौरान कैप्टन आशीष इंजन कक्ष में मौजूद थे. मिसाइल टकराने के बाद जहाज के उस हिस्से में भीषण आग लग गई, जिसमें झुलसने के कारण आशीष की जान चली गई. जीतेंद्र कुमार की रिपोर्ट

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  • ओमान की खाड़ी में तेल टैंकर पर हुए मिसाइल हमले में मर्चेंट नेवी के कैप्टन आशीष कुमार की मौत हो गई है
  • आशीष कुमार इंजन रूम में थे जहां आग लगने से वे झुलस गए और उनकी मौत हो गई थी
  • आशीष ने हाल ही में मर्चेंट नेवी जॉइन की थी और उनकी पहली पोस्टिंग दुबई में हुई थी
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बेतिया (बिहार): ओमान की खाड़ी (Gulf of Oman) में एक तेल टैंकर पर हुए भीषण हमले ने बिहार के बेतिया में मातम फैला दिया है. इस हमले में मर्चेंट नेवी के कैप्टन आशीष कुमार की दर्दनाक मौत हो गई है. आशीष ओमान जा रहे ऑयल टैंकर 'स्काई-लाइट' (IMO: 9330020) पर तैनात थे, जिस पर ईरान की मिसाइल ने हमला किया था. इससे पहले खबर आई थी कि हमले के बाद आशीष कुमार लापता हो गए हैं. 

इंजन रूम में लगी आग में झुलस गए आशीष

परिजन के अनुसार, हमले के दौरान कैप्टन आशीष इंजन कक्ष में मौजूद थे. मिसाइल टकराने के बाद जहाज के उस हिस्से में भीषण आग लग गई, जिसमें झुलसने के कारण आशीष की जान चली गई. पिछले तीन दिनों से परिवार उन्हें लापता मानकर उनकी सलामती की दुआ मांग रहा था, लेकिन बीते कल देर रात ईमेल के जरिए मिली मौत की सूचना ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है. 

5 साल का दक्ष कर रहा पिता का इंतजार

बेतिया के शिक्षक नगर के रहने वाले कैप्टन आशीष अपने तीन भाइयों में सबसे बड़े थे. उनके पिता अशोक कुमार पेशे से वकील हैं और मां सुनीता देवी गृहिणी हैं. पत्नी अंशु कुमारी का रो-रोकर बुरा हाल है. 5 वर्षीय बेटा दक्ष अब भी अपने पिता के घर लौटने का इंतजार कर रहा है, इस बात से अनजान कि उसके पिता अब इस दुनिया में नहीं रहे.

सांसद संजय जायसवाल की पहल से मिली जानकारी

आशीष के भाई आकाश ने बताया कि आशीष ने 20 जनवरी 2026 को ही मर्चेंट नेवी जॉइन की थी. उनकी पहली पोस्टिंग दुबई में हुई थी और 22 फरवरी को उन्होंने 'स्काई-लाइट' बोट जॉइन की थी. परिवार ने बेतिया के भाजपा सांसद डॉ. संजय जायसवाल का आभार व्यक्त किया है, जिनकी ओमान में निरंतर बातचीत और कोशिशों के कारण ही आशीष की वास्तविक स्थिति का पता चल सका.

"बेटे का पार्थिव शरीर घर ला दें"

इस हमले में कुल तीन भारतीयों की मौत की खबर है, जिनमें से एक आशीष हैं. अब शोकाकुल परिवार भारत सरकार और विदेश मंत्रालय से हाथ जोड़कर विनती कर रहा है. उन्होंने कहा, "ओमान की जो भी कानूनी प्रक्रियाएं हैं, उन्हें जल्द से जल्द पूरा कर हमारे बेटे का पार्थिव शरीर भारत लाया जाए, ताकि हम अंतिम बार उसे देख सकें."

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