जमुई जिले के खैरा थाना से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में पुलिस प्रशासन द्वारा बड़ी कार्रवाई की गई है. इसके तहत एक महिला दरोगा और चौकीदार को निलंबित करने का आदेश दिया गया है. बताया जा रहा है कि भ्रष्टाचार मामले में आरोप सही पाए जाने पर एसपी ने एक्शन लेते हुए महिला दरोगा और चौकीदार को निलंबित कर दिया है. इसके साथ ही एसपी ने विभागीय कार्रवाई करने का आदेश भी दिया है. इस एक्शन से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है.
जमुई एसपी विश्वजीत दयाल ने सोमवार (13 अप्रैल) को महिला दरोगा जयश्री और चौकीदार आशीष तांती को निलंबित कर दिया है. साथ ही दोनों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है. यह मामला खैरा थाना कांड संख्या 85/26 से जुड़ा है.
PhonePe पर ली थी रिश्वत राशि
मामले के मुताबिक, हरियाडीह निवासी पीड़ित श्यामदेव गोस्वामी ने आरोप लगाया था कि मुकदमे में नाम नहीं जोड़ने के एवज में उनसे चौकीदार के जरिए महिला दरोगा ने 8 हजार रुपये की मांग की गई थी. पैसे नहीं देने पर उन्हें केस में फंसाने की धमकी भी दी गई. पीड़ित के अनुसार, बिचौलिया अमित कुमार के जरिए 7500 रुपये सिक्कू कुमार के PhonPe खाते में ट्रांसफर किए गए थे. इसके बाद महिला दरोगा जयश्री ने फोन कर राशि मिलने की पुष्टि भी की थी.
ओडियो वायरल होने के बाद हुई कार्रवाई
इस पूरे मामले का एक ऑडियो क्लिप 4 अप्रैल को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें कथित रूप से धमकी भरी बातचीत रिकॉर्ड थी. मामला सामने आने के बाद एसपी ने एसडीपीओ सतीश सुमन के नेतृत्व में जांच के आदेश दिए. जांच रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए गए, जिसके आधार पर सात दिन के भीतर यह कार्रवाई की गई.
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