क्या बिहार में CM चेहरे पर फंसेगा पेंच? बिहार BJP अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने बताया कैसे तय होगा सीएम का नाम

बिहार में जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आते जा रहे हैं, वैसे-वैसे सियासी सरगर्मियां भी बढ़ने लगी है. अभी से राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा होने लगी है कि क्या अबकी बार भी बिहार में एनडीए की तरफ से सीएम का चेहरा नीतीश कुमार होंगे या फिर कोई और. बिहार के सीएम चेहरे पर राज्य के बीजेपी अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने क्या कुछ कहा, जानिए-

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बिहार बीजेपी अध्यक्ष दिलीप जायसवाल
पटना:

बिहार में चुनावी सुगबुगाहट होते ही सियासी हलचल तेज हो गई है. पहले बिहार में कैबिनेट का विस्तार हुआ. इसके बाद मंत्रियों के विभागों को बंटवारा. बात महज इतने पर ही नहीं रुकी बल्कि कई मंत्रियों के विभाग भी बदल दिए गए. जैसे-जैसे बिहार में चुनाव की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे ही इस बात की भी चर्चा जोर पकड़ने लगी है कि आगामी चुनाव में एनडीए की तरफ से बिहार में सीएम पद के लिए चेहरा कौन होगा? बिहार के अगले सीएम चेहरे को लेकर तमाम तरह के कयास लगाए रहे हैं. इस बीच बिहार बीजेपी अध्यक्ष दिलीप जायसवाल के बयान ने सियासी पारा चढ़ा दिया है. 

सीएम चेहरे पर क्या बोले राज्य के बीजेपी अध्यक्ष

जब लोग इस सवाल का जवाब खोज रहे हैं कि अबकी बार एनडीए बिहार में किसे सीएम का चेहरा बनाएगी. इस सवाल का जवाब बिहार भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष के उस जवाब में खोजा जा सकता है कि जिसमें दिलीप जायसवाल ने कहा यकीनन हम 2025 का चुनाव नीतीश कुमार की अगुवाई में ही लड़ेंगे. लेकिन मुख्यमंत्री कौन होगा? यह बीजेपी का पार्लियामेंट्री बोर्ड ही तय करेगा. जैसे ही उन्होंने ये बयान दिया, इसके अलग-अलग मायने निकाले जाने लगे. बीजेपी नेता के इस बयान से राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है.

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बिहार में सीएम के चेहरे पर क्यों फंस सकता है पेंच

अब यहां पेंच ये फंसा है कि जब एनडीए बिहार में नीतीश कुमार की अगुवाई में चुनाव लड़ेगी तो क्या सीएम का चेहरा किसी दूसरे को बनाने का जोखिम उठाएगी. अगर सीएम का चेहरा कोई और होगा तो क्या नीतीश कुमार एनडीए के साथ बने रहेंगे या फिर वो कोई दूसरा रास्ता तलाशेंगे. इसके अलावा सवाल ये भी है कि क्या बीजेपी नीतीश कुमार की बी टीम बन के एक बार फिर बिहार में काम करने को तैयार है या फिर उनकी राजनीतिक मंशाए कुछ और है. इस मामले में बीजेपी ने अपना रुख पूरी तरह साफ नहीं किया है. ऐसे में सीएम का चेहरा कौन होगा, इस पर सवाल उठना लाजिमी है. बीजेपी का साफ कहना है कि बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही चुनाव लड़ा जाएगा. लेकिन उन्होंने साफ तौर पर नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित नहीं किया है.

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गौर करने वाली बात ये भी है कि भारतीय जनता पार्टी ने मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान की अगुवाई में चुनाव लड़ा था. शिवराज सिंह चौहान की अगुवाई में लड़े इस चुनाव में बीजेपी ने शानदार जीत भी हासिल की. लेकिन जब सीएम की बात आई तो बीजेपी ने इस बार एमपी की कमान मोहन यादव को सौंपी न कि शिवराज सिंह चौहान को. ऐसा ही महाराष्ट्र में भी हुआ, जहां एनडीए ने चुनाव एकनाथ शिंदे के चेहरे पर लड़ा. लेकिन चुनाव जीतने के बाद सीएम पद को लेकर कई दिन तक खींचतान चलती रही और आखिर में जाकर शिंदे की बजाय फडणवीस को सीएम बना दिया गया. एक ओर बात ये है कि बीजेपी का पार्लियामेंट बोर्ड तो बीजेपी के ही फैसले ले सकता है. ऐसे में बिहार एनडीए गठबंधन में शामिल बाकि दलों का फैसला सिर्फ बीजेपी नहीं कर पाएगी. बीजेपी जो फैसले लेगी क्या उन्हें गठबंधन में शामिल बाकि दल मानेंगे, इसकी कोई पुख्ता गारंटी हरगिज नहीं है.

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बिहार की सियासी हलचल के बीच क्या बोले तेजस्वी

इस बीच आज RJD नेता तेजस्वी यादव ने कहा, "...बिहार की जनता नहीं चाहती थी कि वे(नीतीश कुमार) मुख्यमंत्री बनें और उन्हें नकार दिया... परिस्थिति यह है कि वे मुख्यमंत्री बने हुए हैं..." तेजस्वी ने मंत्रिमंडल विस्तार पर कहा, "...यह उनका(मुख्यमंत्री नीतीश कुमार) अधिकार है और वे मंत्रिमंडल का विस्तार कर सकते हैं लेकिन यह मुख्यमंत्री का अंतिम मंत्रिमंडल विस्तार रहेगा... 2025 में NDA खत्म होने वाली है क्योंकि बिहार की जनता ऊब चुकी है. प्रदेश में 10 सालों में डबल इंजन की सरकार है और अब मुख्यमंत्री बिहार चलाने के योग्य नहीं रह गए हैं... जनता से उनका(नीतीश कुमार) कोई संपर्क नहीं है, जनसंवाद नहीं है"

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इसके साथ ही तेजस्वी ने कहा कि उनकी विश्वसनीयता लगातार गिर रही है और छवि लगातार खराब होती जा रही है. अब बिहार की जनता भी 'खटारा' गाड़ी नहीं चलाना चाहती है बल्कि नई गाड़ी पर सवार होना चाहती है... यह बिहार सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार नहीं था बल्कि यह बीजेपी के मंत्रिमंडल का विस्तार रहा है... जदयू पार्टी को बीजेपी के लोग समाप्त करना चाहते हैं उसी दिशा में बड़े-बड़े जदयू नेताओं का केवल तन जदयू में है लेकिन उनका मन और दिमाग बीजेपी में है... हालांकि इनका सपना केवल सपना ही रह जाएगा. बिहार में चाहें जदयू हो, भाजपा हो या NDA हो, यह लोग अगले 10 सालों तक वापस नहीं आएंगे.

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बिहार में कब होने है चुनाव

बिहार में विधानसभा चुनाव ज्यादा दूर नहीं है, इसलिए राजनीतिक बिसात भी बिछनी शुरू हो चुकी है. हर कोई अपने हिसाब से चाल चल रहा है. बिहार में इस साल के आखिर में चुनाव होने हैं, ऐसे में तमाम राजनीतिक दल अभी से तैयारी में जुट गए हैं. सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही अपनी-अपनी रणनीति बनाने में लगे हुए हैं. हाल ही में बिहार बीजेपी अध्यक्ष दिलीप जायसवाल के इस बयान से कई सवाल खड़े हो गए हैं. क्या नीतीश कुमार अगला सीएम बनेंगे? अगर NDA जीतता है तो क्या फिर से वहीं मुख्यमंत्री बनेंगे? ये सवाल अब चर्चा का विषय बन गए हैं.
 

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