बिहार चुनाव परिणाम: बनियापुर में राजद की लालटेन जलाने वाले केदारनाथ सिंह ने इस बार खिलाया कमल, हार गईं चांदनी देवी

मामला इसलिए भी दिलचस्‍प हो गया है, क्‍योंकि राजद के टिकट पर हैट्रिक लगाने वाले केदारनाथ सिंह इस बार बीजेपी की ओर से बैटिंग करने वाले हैं. जी हां, वो पिछले दिनों राजद छोड़ बीजेपी में शामिल हो चुके हैं. बीजेपी ने उन्‍हें टिकट भी दिया है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins

बनियापुर विधानसभा सीट पर पिछले कुछ चुनावों में राजद की लालटेन जलाने वाले केदारनाथ सिंह ने इस बार कमल खिलाया है. वो इस बार बीजेपी के टिकट पर चुनावी मैदान में उतरे थे. उन्‍होंने 95,600 से ज्‍यादा वोट पाया और राजद प्रत्‍याशी चांदनी देवी को 15,400 से ज्‍यादा वोटों से हराया.

राजनीतिक रूप से, बनियापुर विधानसभा क्षेत्र सारण जिले के पश्चिमी हिस्से में स्थित एक सामान्य श्रेणी की सीट है और यह महाराजगंज लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है. यह क्षेत्र पूरी तरह से ग्रामीण है और शहरी मतदाता इसमें शामिल नहीं हैं. मुद्दों की बात करें तो जाति के साथ-साथ बेरोजगारी, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं जैसे विषय मतदाताओं के फैसले को प्रभावित करते हैं. पिछले दो बार के विधानसभा चुनावों में आरजेडी ने यहां परचम लहराया है, लेकिन इस बार 2025 के चुनाव में कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है. 

पिछले 3 चुनावों से राजद के टिकट पर चुनाव जीतते आ रहे थे केदारनाथ सिंह

इस सीट पर कब-कब किसने मारी बाजी?

1951 से स्थापित इस क्षेत्र ने अब तक 17 विधानसभा चुनाव देखे हैं. इसमें कांग्रेस पार्टी ने सात बार, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने तीन बार, जनता पार्टी ने दो बार और जनता दल, जनता दल (यूनाइटेड), संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी, लोक जनशक्ति पार्टी तथा एक-एक निर्दलीय उम्मीदवार ने एक-एक बार जीत हासिल की है. 

2020 के विधानसभा चुनावों के नतीजे

  • केदारनाथ सिंह (RJD): 65,194 वोट (38.74%)
  • वीरेन्द्र कुमार ओझा (VIP): 37,405 वोट (22.23%)
  • तरकेश्वर सिंह (LJP): 33,082 वोट (19.66%)

2015 के विधानसभा चुनावों के नतीजे

  • केदारनाथ सिंह (RJD): 69,851 वोट (45.87%)
  • तरकेश्वर सिंह (BJP): 53,900 वोट (35.40%)
  • वीरेन्द्र कुमार ओझा (IND): 13,545 वोट (8.90%)

वामपंथी और भाजपा की पकड़ इस क्षेत्र में अभी तक मजबूत नहीं हो पाई है. राजद के केदार नाथ सिंह ने 2010, 2015 और 2020 के विधानसभा चुनावों में जीत दर्ज कर इस क्षेत्र में अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी है. इस बार वो बीजेपी की ओर से उम्‍मीदवार थे.

बड़े उद्योगों का अभाव, लेकिन... 

भौगोलिक रूप से, यह क्षेत्र छपरा से लगभग 37 किलोमीटर पूर्व और दिघवारा से 4 किलोमीटर पश्चिम में स्थित है. कृषि यहां की मुख्य अर्थव्यवस्था है, जिसमें धान, गेहूं, मक्का और दालें प्रमुख फसलें हैं. साथ ही, गन्ना और सब्जियों की भी खेती होती है. हालांकि, बड़े उद्योगों का अभाव है, लेकिन स्थानीय चावल मिलें, ईंट भट्टे और साप्ताहिक हाट व्यापार केंद्र के रूप में ग्रामीण क्षेत्र को रोजगार देते हैं.

सांस्‍कृतिक रूप से समृद्ध है बनियापुर 

यहां के मंदिर और धार्मिक स्थल न सिर्फ स्थानीय भक्तों को आकर्षित करते हैं, बल्कि आसपास के दर्जनों गांवों और दूर-दूर से लोग भी यहां दर्शन और पूजा के लिए आते हैं. धार्मिक दृष्टिकोण से, बनियापुर अत्यंत समृद्ध है. यहां का अंबा स्थान मंदिर (आमी) एक प्राचीन धार्मिक स्थल है, जिसके पास एक बगीचा और साल भर पानी से भरा एक गहरा कुआं है. नवरात्रि (अप्रैल और अक्टूबर) के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं. मंदिर के यज्ञ कुंड में चढ़ाया गया जल रहस्यमयी रूप से लुप्त हो जाता है, जो भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र है. इसके अलावा, बेरूई शिव मंदिर भी एक प्रमुख तीर्थ स्थल है, जहां महाशिवरात्रि के दौरान भारी भीड़ उमड़ती है. बनियापुर मेला, जो लगभग तीन महीने तक चलता है, इस क्षेत्र की सांस्कृतिक जीवंतता को दर्शाता है.

Advertisement

Featured Video Of The Day
PM Modi का ये भाषण Mamata Banerjee को हिला देगा! Bengal Elections | SIR Controversy | Top News