CM नीतीश के दौरे की तैयारियों का जायजा ले रहे थे सिविल सर्जन, तभी हार्ट अटैक से हो गई मौत

Samastipur News: डॉ. एसके चौधरी इसी साल 31 मई को रिटायर होने वाले थे. सिविल सर्जन की आकस्मिक मौत जिले की स्वास्थ्य सेवा के एक बड़ा झटका मानी जा रही है. सेवा के अंतिम पड़ाव पर खड़े होकर भी उनका समर्पण कम नहीं हुआ. अविनाश कुमार की रिपोर्ट...

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
सरकारी ड्यूटी पर सिविल सर्जन को आया हार्ट अटैक.
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • बिहार के समस्तीपुर के सिविल सर्जन डॉ. एसके चौधरी को सीएम आगमन की तैयारियों का निरीक्षण करते हुए हार्ट अटैक आया
  • उन्हें तुरंत सदर अस्पताल भर्ती कराया गया और बाद में बेहतर इलाज के लिए निजी अस्पताल रेफर किया गया था
  • डॉ. चौधरी 31 मई को रिटायर होने वाले थे. उनकी आकस्मिक मृत्यु से जिले की स्वास्थ्य सेवा को बड़ा झटका लगा है
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
पटना:

बिहार के समस्तीपुर के सिविल सर्जन डॉ. एसके चौधरी तो सीएम के दौरे की तैयारियों का जायजा ले रहे थे, कौन जानता था कि पल भर में उनकी जान चली जाएगी. 66 साल के सिविल सर्जन मंगलवार को सीएम के कर्पूरीग्राम आगमन के दौरान तैयारियों का जायजा ले रहे थे. तभी उनकी हार्ट अटैक से मौत हो गयी. उनके निधन की खबर सुनकर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में शोक की लहर दौड़ गई.

ये भी पढे़ं- RJD में अब तेजस्वी युग! राष्ट्रीय कार्यकारिणी में कमान सौंपने की तैयारी, क्या बदल पाएंगे पार्टी की किस्मत?

तैयारियों का निरीक्षण करने पहुंचे डॉक्टर की मौत

जानकारी के मुताबिक, मंगलवार को वह डीएम, एसपी समेत अन्य पदाधिकारियों के साथ कर्पूरीग्राम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आगमन की तैयारियों को लेकर स्थल निरीक्षण करने पहुंचे थे. इसी दौरान अचानक उन्हें हार्ट अटैक हुआ, वह वहीं चक्कर खाकर गिर पड़े आनन-फानन में उन्हें एंबुलेंस से सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया. जहां नाजुक स्थिति देख बेहतर इलाज के लिए उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया गया. इसके बाद उन्हें शहर के ही एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई 

चक्कर आया और जमीन पर गिर पड़े सिविल सर्जन

जानकारी के मुताबिक, डॉ. एसके चौधरी जिला प्रशासन के सभी अधिकारियों के साथ कर्पूरी ठाकुर के पैतृक गांव कर्पूरीग्राम में कर्पूरी जयंती समारोह की तैयारियों का निरीक्षण करने पहुंचे थे.  इस दौरान उनको चक्कर आया और वह वहीं पर अचेत होकर गिर पड़े. आनन-फानन में उनको एम्बुलेंस से सदर अस्पताल पहुंचाया गया. इस दौरान अन्य सभी अधिकारी भी सदर अस्पताल पहुंचे. सूचना पर सदर अस्पताल में सैकड़ों लोगों व स्वास्थ्य कर्मियों की भीड़ उमड़ पड़ी. नाजुक स्थिति देख जब उन्हें रेफर किया गया तो नगर थाने की पुलिस ने रास्ते को खाली कराया और एंबुलेंस को निजी अस्पताल तक पहुंचवाया, जहां उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया. हालांकि कुछ ही देर बाद उन्होंने दम तोड़ दिया. 

Advertisement

31 मई को रिटायर होने वाले थे डॉ. एसके चौधरी

डॉ. एसके चौधरी इसी साल 31 मई को रिटायर होने वाले थे. सिविल सर्जन की आकस्मिक मौत जिले की स्वास्थ्य सेवा के एक बड़ा झटका मानी जा रही है. सेवा के अंतिम पड़ाव पर खड़े होकर भी उनका समर्पण कम नहीं हुआ. मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर कर्पूरीग्राम में चल रही तैयारियों के निरीक्षण में उनकी सक्रिय मौजूदगी इस बात की गवाही देती है कि वे अंतिम दिन तक दायित्व को प्राथमिकता देने वाले अधिकारी थे.

 लगभग 27 वर्षों तक डॉ. चौधरी ने समस्तीपुर जिले में स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में अहम योगदान दिया. बीच में कुछ वर्षों के लिए अन्य जिलों में तैनाती जरूर रही, लेकिन उनका अधिकांश कार्यकाल समस्तीपुर से ही जुड़ा रहा. यहां की स्वास्थ्य व्यवस्था, अस्पतालों की चुनौतियां और आम मरीजों की जरूरतें उन्हें भली-भांति ज्ञात थीं. यही कारण था कि वे एक प्रशासक से अधिक एक अनुभवी चिकित्सक और मार्गदर्शक के रूप में पहचाने जाते थे. 

Featured Video Of The Day
Sucherita Kukreti | Malda Violence ममता सरकार की नाकामी या EC को डराने की साज़िश? Mamata Banerjee