Bihar News: बिहार में भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को मौसम ने बड़ी राहत दी है. शुक्रवार की सुबह अचानक मौसम का मिजाज बदल गया. राजधानी पटना समेत नालंदा, सीवान, औरंगाबाद, खगड़िया और गोपालगंज जैसे कई जिलों में तेज आंधी के साथ मूसलाधार बारिश हुई. बारिश के बाद तापमान में 4 से 7 डिग्री तक की भारी गिरावट आई है, जिससे मौसम सुहावना हो गया. हालांकि, इस राहत के साथ-साथ कई जिलों से नुकसान और तबाही की खबरें भी आ रही हैं. तेज आंधी और बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है.
पटना में जाम हुए कई रास्ते
राजधानी पटना में सुबह-सुबह मूसलाधार बारिश के साथ इतनी तेज आंधी आई कि आसमान में अंधेरा छा गया. आंधी के कारण शहर के कई वीवीआईपी (VVIP) इलाकों जैसे गर्दनीबाग, हजभवन, छज्जुबाग और 1 सर्कुलर रोड पर भारी पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए, जिससे रास्ते जाम हो गए. हालात को देखते हुए पटना नगर निगम के आयुक्त यशपाल मीणा खुद मोर्चा संभालने सड़कों पर उतर गए. वे खुद घूम-घूमकर मॉनिटरिंग कर रहे हैं. जेसीबी मशीनों की मदद से पेड़ हटाने का काम तेजी से किया जा रहा है. साथ ही जलजमाव से निपटने के लिए भी नगर निगम की टीमें अलर्ट मोड पर हैं. वहीं पटना के मनेर में एक दुकान पर इमली का विशाल पेड़ गिर गया, जहां कई लोग बाल-बाल बच गए.
पटना में तेज आंधी और बारिश के बाद सड़क पर गिरे पेड़ों को उठाने का काम जारी है.
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कहीं शहर डूबा, कहीं मकान पर गिरा पेड़
सीवान शहर में मूसलाधार बारिश के बाद नगर परिषद की पोल खुल गई. राजेंद्र पथ, स्टेशन रोड और अस्पताल रोड जैसे मुख्य मार्ग पूरी तरह पानी में डूब गए, जिससे लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी हो रही है. वहीं, गोगरी प्रखंड के मुश्कीपुर में देर रात आंधी के दौरान एक घर पर महुआ का पेड़ गिर गया. मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया. परिवार के लोग तो सुरक्षित बच गए, लेकिन मलबे में दबकर एक गाय की मौत हो गई.
किसानों को फायदा, घरों की बिजली गुल
नालंदा और औरंगाबाद जिलों में भी सुबह की शुरुआत भारी बारिश से हुई. हेडलाइट जलाकर गाड़ियां चलती दिखीं. किसानों के लिए यह बारिश खेती के लिहाज से काफी फायदेमंद मानी जा रही है. उधर, तेज हवाओं और वज्रपात की आशंका को देखते हुए गोपालगंज में बिजली विभाग ने एहतियात के तौर पर कई इलाकों की बत्ती गुल कर दी है.
बिहार के कई हिस्सों में अभी भी बारिश हो रही है, जिससे जलभराव की स्थिति भी पैदा हो गई है.
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IMD ने कहा- 60 KMPH की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती सिस्टम (Cyclonic Circulation) के कारण मौसम में यह बदलाव आया है. विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए अधिकांश जिलों में बादल छाए रहने, मेघ गर्जन, तेज बारिश और आकाशीय बिजली का अलर्ट जारी किया है. सीमांचल के कटिहार और पूर्णिया जिलों के लिए भारी बारिश की विशेष चेतावनी दी गई है.
तेज बारिश के कारण ट्रैक पर अटकी 3 ट्रेनें
खराब मौसम का असर रेल यातायात पर भी दिख रहा है. गया जिले के गुरपा-गझंडी घाट सेक्शन में पटरी पर भारी फिसलन होने की वजह से वंदे भारत, दुरंतो और जनशताब्दी जैसी कई महत्वपूर्ण ट्रेनें सुबह करीब 8:30 बजे से अलग-अलग स्टेशनों पर फंस गईं. इनमें दुरंतो एक्सप्रेस बसकटवा रेलवे हॉल्ट पर, अजमेर-सियालदह गुरपा में, जनशताब्दी पहाड़पुर में और वंदे भारत एक्सप्रेस टनकुप्पा स्टेशन पर अटकी रही. किसी भी संभावित हादसे को टालने के लिए रेलवे प्रशासन ने एहतियात के तौर पर ट्रेनों को रोका है और पीडब्ल्यूआई (PWI) स्तर पर ट्रैकों की जांच कर परिचालन को दोबारा सुचारु करने की कोशिशें की जा रही हैं.
दो दिन पहले (27 मई को) जारी एक बयान के अनुसार, बिहार में बारिश से संबंधित घटनाओं में 5 लोगों की मौत हो गई है. मुख्यमंत्री कार्यालय की तरफ से कहा गया है कि मंगलवार रात से तूफान, भारी बारिश, दीवार गिरने और पेड़ गिरने के कारण ये मौतें हुई हैं. इनमें से दो मौतें मुजफ्फरपुर में हुई हैं. जबकि पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण और मुंगेर जिलों में एक-एक व्यक्ति की जान गई है. मौतों पर दुख व्यक्त करते हुए, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रत्येक मृतक के परिजनों को 4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है. उन्होंने लोगों से ऐसे मौसम में सतर्क रहने और आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी सलाहों का पालन करने की अपील की है.
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