Bihar Politics: बिहार की राजनीति में इन दिनों मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सरगर्मी अपने चरम पर है. दिल्ली के सियासी गलियारों में मुलाकातों का दौर जारी है. इसी क्रम में हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) के संरक्षक और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की. इस बैठक के बाद मांझी के बयानों ने साफ कर दिया है कि नई कैबिनेट में वे अपने दल के लिए सम्मानजनक हिस्सेदारी की उम्मीद कर रहे हैं.
"आप मेरे अभिभावक हैं और संतोष मेरा भाई"
मुलाकात के बाद जीतन राम मांझी ने बड़े ही सधे हुए अंदाज में अपनी बात रखी. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने उन्हें कहा आप मेरे अभिभावक हैं और संतोष मेरा भाई है. मांझी ने कहा कि जब मुख्यमंत्री खुद ऐसे रिश्तों का हवाला दे रहे हैं तो अलग से कुछ मांगने की जरूरत ही नहीं रह जाती है. हालांकि इस दौरान जितन राम मांझी ने इशारों में अपने बेटे और नीतीश सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे संतोष कुमार सुमन की दावेदारी का इशारा भी कर दिया.
सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन पर जोर
मांझी ने स्पष्ट किया कि मंत्रिमंडल का स्वरूप ऐसा होना चाहिए जिसमें सभी समाज और सभी क्षेत्रों के लोगों का समावेश हो. उन्होंने मुख्यमंत्री को सलाह दी कि एक बेहतर समन्वय बनाकर ही निर्णय लिया जाना चाहिए ताकि पूरे प्रदेश का विकास सुनिश्चित हो सके.
दिल्ली में बैठकों का दौर और अंतिम फैसला
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी केवल मांझी से ही नहीं बल्कि गठबंधन के अन्य सहयोगियों से भी राय-मशविरा कर रहे हैं. उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय के साथ भी मंथन किया है. जेडीयू की ओर से संजय झा भी अपनी बात रख चुके हैं. अब अंतिम मुहर अमित शाह के साथ होने वाली बैठक में लगेगी. माना जा रहा है कि 06 से 10 अप्रैल के बीच बिहार को नया और विस्तृत मंत्रिमंडल मिल जाएगा.
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