- पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET की तैयारी कर रही लड़की की मौत मामले में गैंगरेप का खुलासा हुआ है
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न की संभावना जताई गई है, जिससे प्रशासन के दावे सवालों के घेरे में हैं
- परिवार ने अस्पताल और पुलिस पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग की है
बिहार के पटना में NEET की तैयारी कर रही छात्रा से गैंगरेप की घटना ने पूरा राज्य को झकझोर कर रख दिया है. जहानाबाद की रहने वाली लड़की पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल कंकड़बाग में रह कर मेडिकल की तैयारी कर रही थी. अस्पताल में उसकी मौत के बाद अब ये मामला सवालों के घेरे में है. प्रशासन शुरुआत से ही यौन उत्पीड़न की बात को खारिज करता रहा, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इस केस को नया मोड़ दे दिया है. वहीं उसके परिवार के बयान भी सामने आए हैं.
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डॉक्टर मिलने नहीं दे रहे थे
लड़की के भाई ने बताया कि 6 जनवरी को एक कॉल आया था कि उसकी तबीयत खराब है, जिसके बाद माता-पिता वहां गए. डॉक्टर ने कहा कि नॉर्मल ठंड लगा हुई है. हम लोगों को मिलने नहीं दिया जा रहा था. लेकिन हम लोग जबरदस्ती गए. डॉक्टर्स ने 9 तारीख को रेफर करने की बात कही. जिसके बाद परिवार उसे मेदांता लेकर पहुंचा. वहां पर बताया कि हालत खराब है. बचने की कम संभावना है.
आरोपी को फांसी हो, तब सुकून मिलेगा
लड़की की मां ने बताया कि बेटी 5 जनवरी को गई थी. रात में 9 बजे उसके दोस्त ने फोन कर कहा कि आपकी बेटी बेहोश हो गई है और अस्पताल में भर्ती है. हमने जाकर अपनी बच्ची को देखा वह बेहोश पड़ी हुई थी. बस हमें न्याय चाहिए, न्याय दिला दो. उन्होंने पुलिस पर बिके होने का आरोप लगाते हुए कहा कि डॉक्टर भगवान होता है, लेकिन उसने भी कुछ नहीं किया. हॉस्टल में बेटी को सुरक्षा के लिए रखते थे, लेकिन वो भी सुरक्षित नहीं है. मां ने कहा कि जिन दिन आरोपी को फांसी होगी, तब जाकर उनको सुकून मिलेगा.
पुलिस पर लीपा-पोती करने का आरोप
लड़की की पिता ने कहा कि मामले में पुलिस ने लीपा पोती करने की कोशिश की. उन्होंने भी फांसी की सजा की मांग की. ताकि फिर किसी और बेटी को ये नहीं सहना पड़े. उनका आरोप है कि हॉस्टल संचालक और अस्पताल वाले मिले हुए हैं. उनकी बेटी के साथ गलत कर उसकी हत्या कर दी. उन्होंने भी प्रशासन से मदद की गुहार लगाई.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से प्रशासन के दावों पर सवाल
नया साल मनाने के बाद 5 जनवरी को वह वापस हॉस्टल लौटी थी. 6 जनवरी को वह हॉस्टल में बेहोश हालत में पाई गई. आनन-फानन में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया. लगातार 5 दिन तक ज़िंदगी और मौत से जूझने के बाद 11 जनवरी को उसने दम तोड़ दिया. मामला हाईलाइट हुआ तो बिहार प्रशासन ने कहा कि रेप या यौन उत्पीड़न की कोई घटना नहीं हुई है. पटना SSP और ASP ने भी यही दावा दोहराया. लेकिन अब उसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने प्रशासन के सभी दावों को कठघरे में खड़ा कर दिया है.
रिपोर्ट में साफ लिखा है कि यौन उत्पीड़न से इनकार नहीं किया जा सकता. यानी प्रशासन का शुरुआती दावा अब खुद सवालों में है. वहीं इस घटना के बाद छात्रा का परिवार पूरी तरह से टूचट गया है. रो-रोकर वे बस एक ही सवाल पूछ रहे हैं कि अगर कुछ नहीं हुआ था, तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ऐसा क्यों लिखा गया. परिजन निष्पक्ष जांच और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं.
NEET छात्रा की मौत मामले में बड़ा सवाल
क्या शुरुआत में सच को छिपाने की कोशिश हुई? क्या छात्रा की मौत सिर्फ एक हादसा थी या इसके पीछे कोई बड़ा अपराध छिपा है? पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने जांच एजेंसियों की जिम्मेदारी और बढ़ा दी है.
पीड़िता के पिता के बयान के आधार पर 9 जनवरी 2026 को मामला दर्ज किया गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने शंभु गर्ल्स हॉस्टल के बिल्डिंग मालिक मनीष कुमार रंजन को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया. पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
SIT का गठन, हर एंगल से हो रही जांच
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और हर पहलू से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं. परिवार ने बेटी के साथ रेप की आशंका जताई है, जिसके बाद बिहार के गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने SIT का गठन कर दिया. SIT टीम पटना आईजी के नेतृत्व में बनाई गई है. सोमवार को पटना आईजी जितेंद्र राणा, पटना एसएसपी डीएसपी संबंधित थाना घटनास्थल शंभू गर्ल्स हॉस्टल का निरीक्षण करने के पहुंचे, जहां पर उन्होंने वैज्ञानिक अनुसंधान के माध्यम से जांच की शुरुआत की है. वहीं हॉस्टल के सीसीटीवी फुटेज की जांच भी की जा रही है.
लेकिन अभी तक गर्ल्स हॉस्टल संचालक श्रवण अग्रवाल को गिरफ्तार नहीं किया गया है. मामले में अब राजनीति तेज हो गई है. नेता लड़की के इलाज वाले प्रभात मेमोरियल अस्पताल पर भी कई तरह के आरोप लगा रहे हैं. पप्पू यादव , तेजश्वी यादव और प्रशांत किशोर इस मामले में पुलिस को घेरते नजर आ रहे है.













