भगवान भास्कर की आराधना और व्रतियों में उत्साह... उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ खत्म हुआ चैती छठ का महापर्व

चैती छठ में व्रती चार दिन तक कठिन नियमों का पालन करती हैं. पहले दिन नहाय-खाय से व्रत शुरू होता है. दूसरे दिन खरना का प्रसाद लिया जाता है. तीसरे दिन डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है. चौथे दिन उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का समापन होता है.

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भागलपुर में कुछ यूं मना चैती छठ महापर्व
भागलपुर:

बिहार समेत देश के अलग-अलग हिस्सों में छठ पर्व को श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया. चैती छठ महापर्व के मौके पर भागलपुर के गंगा घाट पर श्रद्धालुओं सुबह ही भगवान सूर्य को अर्घ देने पहुंचे. महापर्व को लेकर छठव्रतियों खासे उत्साह में दिखे. व्रती महिलाएं अस्ताचलगामी भगवान सूर्य को अर्घ्य देने के लिए विधि-विधान से पूजा अर्चना की.

शहर के बूढ़ानाथ और बरारी गंगा तटों पर छठ मइया के भजनों से माहौल भक्तिमय हो गया. भागलपुर में चैती छठ पूजा की आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला. हजारों श्रद्धालुओं ने उगते सूर्य को अर्घ्य देकर सुख-समृद्धि की कामना की. छठ गीतों की गूंज, दीपों की जगमगाहट और भक्तिमय माहौल ने पूरे शहर को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया.

आपको बता दें की चैती छठ में व्रती चार दिन तक कठिन नियमों का पालन करती हैं. पहले दिन नहाय-खाय से व्रत शुरू होता है. दूसरे दिन खरना का प्रसाद लेने के बाद 36 घंटे का निर्जला व्रत रखा जाता है. तीसरे दिन डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है. चौथे दिन उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का समापन होता है.

वहीं इस महापर्व को लेकर जिला प्रशासन ने घाट किनारे सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे. घाटों पर साफ-सफाई और रोशनी की विशेष व्यवस्था की गई है. पुलिस और गोताखोरों की टीम की भी गंगा तट पर तैनाती की गई है.

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