बिहार चुनाव- फलोदी सट्टा बाजार ने NDA की सरकार बनने का जताया अनुमान, नीतीश कुमार पर सबसे मजबूत दांव

मतदान की तारीखें 6 और 11 नवंबर नजदीक आने के साथ ही दोनों गठबंधनों का प्रचार अभियान तेज हो गया है, जिसका असर सट्टा बाजार के भावों पर भी साफ दिखाई दे रहा है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • फलोदी सट्टा बाजार ने बिहार विधानसभा चुनाव के लिए NDA की सरकार बनने की संभावना जताई है.
  • सट्टा बाजार के अनुसार, NDA को चुनाव में करीब 138 से 132 सीटें मिलने का अनुमान है.
  • महागठबंधन को सट्टा बाजार में 90 से 100 सीटों तक सीमित रहने का पूर्वानुमान जताया गया है.
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।

माना जाता है कि देश में किसी भी चुनाव के पूर्वानुमान को लेकर सबसे सटीक आकलन राजस्थान का मशहूर फलोदी सट्टा बाजार करता है. लोकसभा से लेकर विधानसभा चुनावों तक यहां के भाव अक्सर नतीजों से पहले ही रुझान बता देते हैं. अब बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर भी सबकी निगाहें इसी बाजार पर टिकी हैं जहां सट्टेबाजों ने हलचल तेज कर दी है. 

बिहार में बनेगी NDA की सरकार 

फलोदी सट्टा बाजार के ताजा अनुमानों के अनुसार बिहार में एक बार फिर NDA की सरकार बन सकती है. बाजार में नीतीश कुमार के अलावा किसी और को NDA की ओर से मुख्यमंत्री पद का विकल्प नहीं माना जा रहा है. सटोरियों के मुताबिक यदि कोई व्यक्ति NDA की जीत पर एक हजार रुपये का दांव लगाता है तो उसे बराबर का रिटर्न यानी दो हजार रुपये तक मिल सकता है. बाजार के भावों के अनुसार NDA को 128 से 132 सीटें मिलने की संभावना जताई जा रही है, जबकि महागठबंधन के लिए अनुमान 97 से 100 सीटों तक सीमित है. 

मिलेंगी कितनी सीटें 

कुछ अनुमानों में NDA का आंकड़ा बढ़कर 135 से 138 सीटों तक भी बताया जा रहा है जो गठबंधन की मजबूत स्थिति को दर्शाता है. मुख्यमंत्री पद के दावेदार के रूप में नीतीश कुमार के भाव 40 से 45 पैसे के बीच चल रहे हैं जो सट्टा बाजार में सबसे स्थिर और मजबूत माने जा रहे हैं. बाजार के अनुसार NDA में फिलहाल नीतीश के अलावा किसी अन्य नेता को सीएम चेहरा नहीं माना जा रहा है. वहीं कांग्रेस समर्थित महागठबंधन की स्थिति को लेकर सट्टा बाजार लगातार गिरावट का संकेत दे रहा है. सटोरियों का मानना है कि महागठबंधन को 93 से 96 सीटों तक ही सीमित रहना पड़ सकता है. 

सट्टा बाजार पर साफ असर 

मतदान की तारीखें 6 और 11 नवंबर नजदीक आने के साथ ही दोनों गठबंधनों का प्रचार अभियान तेज हो गया है, जिसका असर सट्टा बाजार के भावों पर भी साफ दिखाई दे रहा है. हालांकि फिलहाल बाजार में किसी व्यक्तिगत प्रत्याशी की जीत या हार को लेकर दांव नहीं खोले गए हैं. सटोरियों का कहना है कि अगले कुछ दिनों में जैसे-जैसे प्रचार तेज होगा, वैसे-वैसे व्यक्तिगत सीटों के भाव भी जारी किए जा सकते हैं. 

Advertisement
Featured Video Of The Day
Iran Israel War: ईरानी औरतों ने बांधा कफन...उठाई बंदूक? | Trump | Iran | Khamenei | US | America