मॉनसून ने दिया धोखा, 7 राज्यों में औसत से कम हुई बारिश, चावल का उत्पादन घटने के आसार

कृषि मंत्रालय के खरीफ की पैदावार के पहले पूर्वानुमान के आंकड़ों में ये बात सामने आई है. इस बार चावल 104.99 लाख टन पैदा होने की उम्मीद जबकि पिछले साल चावल का उत्पादन 111.76 लाख टन हुआ था.

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कम बारिश का चावल के उत्पादन पर पड़ेगा असर

मॉनसून ने इस बार धोखा दिया. सात राज्यों में इस साल औसत से कम बारिश हुई है. यूपी में ही 37 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जिससे खरीफ की फसलों पर असर पड़ेगा. इस साल 2022-23 में चावल का उत्पादन घटने के आसार हैं. कृषि मंत्रालय के खरीफ की पैदावार के पहले पूर्वानुमान के आंकड़ों में ये बात सामने आई है. इस बार चावल 104.99 लाख टन पैदा होने की उम्मीद जबकि पिछले साल चावल का उत्पादन 111.76 लाख टन हुआ था. उप्र, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और पूर्वोत्तर राज्यों में हुइ कम बारिश का असर चावल के उत्पादन पर पड़ने की संभावना है.  पिछले साल के मुकाबले करीब 6 लाख टन चावल की पैदावार कम होने का पूर्वानुमान है, हालांकि कृषि मंत्रालय बीते पांच साल में औसतन पैदावार बढ़ने की बात कह रहा है. 

खरीफ की फसल के कुल 149.92 लाख टन होने की उम्मीद है, जबकि पिछले साल 156 .04 लाख टन उत्पादन था. वहीं मक्के की पैदावार इस साल 23.10 मिट्रिक टन रहने वाली है जो पिछले साल के मुकाबले ज्यादा है. दाल की पैदावार 8.37 लाख टन रहने वाली है, जो पिछले साल के बराबर है, जबकि इस साल तिलहन की पैदावार 23.57 लाख टन रहने की उम्मीद है. वहीं गन्ने की 465..05 लाख टन पैदावार की उम्मीद है जो पिछले साल के मुकाबले ज्यादा है.
 

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