February 28 days: आज हम जिस Gregorian calendar का इस्तेमाल करते हैं, वह सीधा सादा नहीं है. इसकी जड़ें प्राचीन रोम से जुड़ी हैं. शुरुआत में रोमन कैलेंडर चांद के हिसाब से चलता था. साल में सिर्फ 10 महीने होते थे, मार्च से दिसंबर तक. सर्दियों के महीनों को गिना ही नहीं जाता था.
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बाद में रोमन राजा Numa Pompilius ने जनवरी और फरवरी को जोड़ा ताकि साल पूरा हो सके, लेकिन 12 महीनों में दिन बांटते वक्त गड़बड़ हो गई. रोमन लोग सम संख्या को अशुभ मानते थे. ऐसे में फरवरी को छोटा कर दिया गया. फरवरी को मृतकों से जुड़े रीति रिवाजों का महीना भी माना जाता था, इसलिए इसे 28 दिन पर रोक दिया गया.
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जूलियस सीजर का सुधार (Julius Caesar's Reform)
फिर आए Julius Caesar. उन्होंने चंद्र कैलेंडर की जगह सौर आधारित Julian calendar लागू किया. इसके बावजूद फरवरी 28 दिन की ही रही. हर चार साल में एक दिन जोड़कर लीप ईयर बनाया गया. 1582 में Pope Gregory XIII ने सुधार कर ग्रेगोरियन कैलेंडर लागू किया, जो आज दुनिया में चलता है. Why February has 28 days सवाल सिर्फ जिज्ञासा नहीं, बल्कि यह दिखाता है कि कैलेंडर इंसानी फैसलों और इतिहास का नतीजा है.
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