न हीरो, न विलेन, फिर भी सुपरहिट हैं ये 7 वेब सीरीज, देखने में लगती है हर परिवार की कहानी, शामिल है घर, परिवार और मोहल्ले के किस्से

‘गुल्लक’, ‘पंचायत’ और ‘दुपहिया सीजन 2’ जैसे शो उन छोटी-छोटी बातों में हास्य, भावनाएं और ड्रामा ढूंढते हैं, जिन्हें ज्यादातर भारतीय अपने जीवन से जोड़ सकते हैं.

विज्ञापन
Read Time: 4 mins
न हीरो, न विलेन, फिर भी सुपरहिट हैं ये 7 वेब सीरीज, देखने में लगती है हर परिवार की कहानी
NDTV

ओटीटी की दुनिया के तो कहने ही क्या. यहां शुक्रवार का इंतजार नहीं करना पड़ता. यहां किसी एक कंटेंट पर निर्भर नहीं रहना पड़ता. जब मन चाहे जो मर्जी देखो, देशी-विदेश और सीरीज-फिल्म कुछ भी. फिर भारतीय कंटेंट की दुनिया भी लगातार फैल रही है. लंबे समय तक भारतीय कहानियों को दिलचस्प बनाने के लिए बड़े किरदार, बड़े संघर्ष या असाधारण परिस्थितियों की जरूरत होती थी. लेकिन ओटीटी पर कहानी कहने का एक अलग अंदाज धीरे-धीरे दर्शकों के बीच अपनी जगह बना रहा है. ‘गुल्लक', ‘पंचायत' और ‘दुपहिया सीजन 2' जैसे शो उन छोटी-छोटी बातों में हास्य, भावनाएं और ड्रामा ढूंढते हैं, जिन्हें ज्यादातर भारतीय अपने जीवन से जोड़ सकते हैं.

गुल्लक (सीजन 1 से 5)

इस शो की सबसे खास बात यह है कि इसमें दिखाई जाने वाली परेशानियां और परिवार के बीच होने वाले विवाद बेहद जाने-पहचाने लगते हैं. पैसों को लेकर घर में होने वाली बातचीत या भाई-बहनों के बीच किसी छोटी सी बात पर हुआ झगड़ा अचानक एक बड़ी भावनात्मक कहानी का रूप ले लेता है.

‘गुल्लक' के मिश्रा परिवार ने दर्शकों को यह एहसास कराया कि कभी-कभी एक दिलचस्प कहानी के लिए घर से बेहतर कोई और जगह नहीं होती.

पंचायत (सीजन 1 से 4)

एक सड़क, गांव का चुनाव या किसी छोटी सी बात को लेकर हुआ विवाद, उससे जुड़े लोगों के लिए बहुत बड़ी बात बन सकता है. सचिव जी की परेशानियों से लेकर प्रह्लाद चा के भावनात्मक उतार-चढ़ाव तक, ‘पंचायत' की खासियत यही है कि किसी समस्या की अहमियत इस बात पर निर्भर करती है कि वह किसकी जिंदगी को प्रभावित कर रही है.

Advertisement

दुपहिया (सीजन 1 और 2)

धड़कपुर की पृष्ठभूमि पर बनी यह कहानी ऐसे लोगों की जिंदगी में हास्य ढूंढती है, जिनकी परेशानियां बाहर से देखने पर छोटी लग सकती हैं, लेकिन उनके लिए वे बेहद महत्वपूर्ण हैं.

अमावस और बनवारी से लेकर पूरे गांव के माहौल तक, यहां के किरदार दुनिया को बचाने की कोशिश नहीं कर रहे हैं. वे बस अपनी जिंदगी को समझने और संभालने की कोशिश कर रहे हैं. और यही इस शो की सबसे बड़ी खूबसूरती है.

Advertisement

जब आम लोग अपनी छोटी-छोटी परेशानियों को भी पूरी गंभीरता से लेते हैं, तो कहानी को असाधारण बनाने के लिए किसी बड़ी समस्या की जरूरत नहीं पड़ती.

ये मेरी फैमिली (सीजन 1 से 4)

यह शो एक आम भारतीय घर में बड़े होने की यादों को ताजा करता है. ‘ये मेरी फैमिली' ने एक बेहद साधारण अनुभव को बेहद खास और यादगार बना दिया, एक भारतीय परिवार में बचपन बिताना.

इस शो की खास बात यह भी है कि अलग-अलग सीजन में अलग परिवार और अलग कलाकार नजर आए, लेकिन इसके बावजूद शो की मूल भावना कभी नहीं बदली.

होम शांति

एक घर भी पारिवारिक ड्रामा की शुरुआत के लिए काफी हो सकता है. जब किसी आम परिवार का सबसे बड़ा सपना सिर्फ अपना घर बनाना हो, तो क्या-क्या होता है?

Advertisement

‘होम शांति' इसी साधारण सी कहानी को परिवार, पैसे, उम्मीदों और अलग-अलग पीढ़ियों के अपने सपनों के घर की कल्पना से जोड़ता है.

शो रोजमर्रा के मतभेदों में हास्य ढूंढता है और साथ ही भारतीय परिवारों से जुड़ी एक बेहद आम भावना को सामने लाता है—घर सिर्फ एक इमारत नहीं होता.

Advertisement

द आम आदमी फैमिली (सीजन 1 से 4)

जब आम होना ही कहानी की सबसे बड़ी खासियत बन जाए. ‘द आम आदमी फैमिली' का नाम ही बताता है कि यह शो इस सूची में क्यों शामिल है. शर्मा परिवार कोई असाधारण परिवार नहीं है और यही उनकी कहानी की सबसे बड़ी खासियत है.

उनकी दुनिया माता-पिता, बच्चों, रिश्तों, घर के छोटे-बड़े मतभेदों, सपनों और साथ रहते हुए आने वाली छोटी-छोटी परेशानियों के इर्द-गिर्द घूमती है.

पीढ़ियों के बीच के अंतर से लेकर घर में होने वाली गलतफहमियों तक, यह शो उन परिस्थितियों में हास्य ढूंढता है, जिनका अनुभव दर्शकों ने शायद अपनी जिंदगी में भी किया होगा.

घर वापसी

कभी-कभी कहानी तब शुरू होती है, जब आप वापस अपने घर लौटते हैं. ‘घर वापसी' आम जिंदगी को एक दिलचस्प कहानी में बदलने के विचार को एक अलग नजरिए से दिखाता है. कहानी का मुख्य किरदार बेंगलुरु में नौकरी जाने के बाद अपने शहर वापस लौटता है. जो घटना सिर्फ करियर में एक झटका बनकर रह सकती थी, वह धीरे-धीरे परिवार, उम्मीदों, पहचान और सफलता के असली मायने की कहानी बन जाती है.

ये भी पढ़ें; Gen Z गर्लफ्रेंड-बॉयफ्रेंड को आमिर खान की एक्स वाइफ की चौंकाने वाली सलाह, बोलीं- 'फिजिकल रिलेशन बनाने के लिए शादी जरूरी नहीं...'

Featured Video Of The Day
बैरिकेडिंग पर चढ़कर खड़े हुए राहुल गांधी, CEC के खिलाफ विपक्ष का विरोध मार्च
Topics mentioned in this article
Panchayat
Gullak
Dupahiya
Ghar Wapsi
Ye Meri Family