नेपाल में आई भीषण तबाही में 1,000 से ज्यादा मौतें और 4,000 लापता होने की वजह ग्लेशियर टूटना था. इसकी भौगोलिक वजह समझने के लिए NDTV ने एक मॉडल तैयार किया. हिमालय पर्वत श्रृंखला अफगानिस्तान से भूटान तक फैली है और इसमें बर्फ के रूप में 6,000 ट्रिलियन लीटर पानी जमा है, जो एक छोटे समुद्र के बराबर है. 26 अगस्त को नेपाल में लांगटांग लिरुंग चोटी (17,000 फीट ऊंचाई) पर ग्लेशियर का एक विशाल हिस्सा टूटा. यह टुकड़ा करीब 1 KM चौड़ा और 1400 मीटर (1.4 KM) ऊंचा था यानि स्टैच्यू ऑफ यूनिटी (182 मीटर) की लगभग 8 गुना ऊंचाई. जब यह बर्फ नीचे गिरी तो 5.2 तीव्रता का भूकंप जैसा झटका महसूस हुआ. बर्फ पिघलकर पानी में बदली और 200 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से लदे नदी में बहाव पैदा किया, जो त्रिशूली होते हुए रसुवा तक सैलाब बन गया. नीचे आते-आते रफ्तार 50 किलोमीटर प्रतिघंटा तक कम हुई, लेकिन तब तक सब कुछ तबाह हो चुका था.