पश्चिमी एशिया की जंग ने एक बेहद खतरनाक मोड़ ले लिया है. अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच शुरू हुए इस युद्ध (West Asia War) में अब तेल के कुएं (Oil Refineries) नहीं बल्कि पीने के पानी के स्रोत यानी (Desalination Plants) मिसाइलों और ड्रोन का सीधा निशाना बन रहे हैं. यूएई (UAE), कुवैत (Kuwait) और बहरीन (Bahrain) के वाटर प्लांट्स पर हमले हो चुके हैं. खाड़ी देश अपनी 90% पानी की जरूरतों के लिए समंदर के पानी को मीठा बनाने वाले इन्ही प्लांट्स पर निर्भर हैं. एक्सपर्ट्स मानते हैं कि यह एक असिमेट्रिक वॉरफेयर (Asymmetric Warfare) है, जो बिना पूर्ण युद्ध के गल्फ देशों पर भारी दबाव बनाने की रणनीति है. अगर ये वाटर प्लांट तबाह हुए तो दुबई (Dubai), कुवैत सिटी (Kuwait City) और दोहा (Doha) जैसे शानदार शहरों में भयंकर जल संकट (Water Crisis) पैदा हो जाएगा और लोगों को पलायन करना पड़ेगा. इस खौफनाक मानवीय संकट और बदलती युद्ध रणनीति (War Strategy) का पूरा और सटीक विश्लेषण देखिए हमारे इस खास वीडियो में.