राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम अपने सम्बोधन में कहा कि भ्रष्टाचार ऐसी समस्या बन गया है जो देश को खोखला कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस बुराई का विरोध जायज है लेकिन यह लोकतांत्रिक संस्थाओं पर आक्रमण करने का बहाना नहीं बन सकता।