Twisha Sharma Death Case: काश उसे पहले ले आती... ट्विशा की मौत को लेकर परिवार के खुलासे रुला देंगे

भोपाल में हुई ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला हर गुजरते दिन के साथ और भावुक और उलझा हुआ होता जा रहा है. अब इस केस में ट्विशा की करीबी दोस्त, भाभी और परिवार के बयान सामने आए हैं, जो उसके आखिरी दिनों की पीड़ा को उजागर कर रहे हैं. ट्विशा की दोस्त मीनाक्षी ने बताया कि वह काफी समय से उससे संपर्क करने की कोशिश कर रही थीं, लेकिन ट्विशा लगातार डर के माहौल में जी रही थी. मीनाक्षी के मुताबिक, ट्विशा अक्सर कहती थी कि “मैं सही समय पर बात करूंगी”.

आखिरी चैट में ट्विशा ने जो लिखा, उसने सबको झकझोर कर रख दिया. उसने लिखा – “आई एम ट्रैप्ड… तुम मत फंसना”. इस एक वाक्य ने उसके मानसिक दबाव और डर की पूरी कहानी सामने रख दी.
मीनाक्षी ने बताया कि शादी से पहले रोज बात करने वाली ट्विशा, शादी के बाद अचानक खामोश हो गई थी. वह कॉल करने से भी डरने लगी थी, मानो कोई उसे देख या सुन रहा हो. वहीं ट्विशा की भाभी हर्षिता ने भी बड़ा खुलासा किया. उनके अनुसार, ट्विशा इस शादी से निकलने की कोशिश कर रही थी. उसने खुद अपने माता-पिता से कहा था कि वह घर लौटना चाहती है और टिकट के लिए भी पैसे मांगे थे. परिवार का कहना है कि अगर इस बार ट्विशा अपने घर वापस आ जाती, तो शायद वह कभी ससुराल नहीं लौटती.

इस बीच ससुराल पक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों को भी परिवार ने सिरे से खारिज किया है. ट्विशा को मानसिक रूप से बीमार या नशे की आदी बताने के दावे को झूठा बताया जा रहा है. दोस्तों और परिवार के मुताबिक, ट्विशा एक बेहद प्रतिभाशाली और आत्मविश्वासी लड़की थी. वह पढ़ाई, खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों में हमेशा आगे रहती थी.

करियर को लेकर भी कई बातें सामने आई हैं. बताया गया कि नौकरी छूटने के बाद वह लगातार नई नौकरी की तलाश कर रही थी और दिल्ली, मुंबई या गुरुग्राम जाने के लिए भी तैयार थी. उसने अपना रिज्यूम भी कई लोगों को भेजा था.

मामले में नया अपडेट यह है कि ट्विशा के शव को अधिक समय तक सुरक्षित रखने के लिए अब हाई-प्रिजर्वेशन यूनिट में रखा गया है. परिवार की मांग है कि दूसरा पोस्टमार्टम कराया जाए, क्योंकि पहली रिपोर्ट पर उन्हें भरोसा नहीं है.

ट्विशा की मां का दर्द भी शब्दों से परे है. उन्होंने कहा कि उनकी बेटी उनके लिए “सबसे प्यारा टुकड़ा” थी और अब उन्हें खुद पर पछतावा हो रहा है कि काश वह पहले जाकर उसे ले आतीं. परिवार अब न्याय की मांग पर अड़ा हुआ है. उनका कहना है कि जब तक सच्चाई सामने नहीं आती और दोबारा पोस्टमार्टम नहीं होता, वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे. यह मामला अब केवल एक मौत का नहीं, बल्कि उस दर्द, डर और दबाव की कहानी बन चुका है जो शायद समाज की कई बेटियां झेल रही हैं.