नई दिल्ली। योगगुरु स्वामी रामदेव ने एक टीवी इंटरव्यू के दौरान राजनीति, सनातन धर्म, संतों के आपसी मतभेद, अंतरराष्ट्रीय मुद्दों और मीडिया की भूमिका को लेकर खुलकर अपनी बात रखी. बातचीत के दौरान उन्होंने कई विवादित सवालों पर प्रतिक्रिया दी, वहीं कुछ मुद्दों पर “नो कमेंट” कहकर साफ दूरी भी बनाई.
ब्रजभूषण शरण सिंह पर सवाल टाला
जब स्वामी रामदेव से बीजेपी सांसद और भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व प्रमुख ब्रजभूषण शरण सिंह द्वारा उन पर लगाए गए आरोपों को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. रामदेव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह इस विषय पर कोई जवाब नहीं देना चाहते और सवाल को आगे बढ़ाने की बात कही. उन्होंने इशारों‑इशारों में कहा कि उन्हें किसी से डर नहीं है, क्योंकि उनका बल “ईश्वर में” है.
ईरान के समर्थन पर सफाई
ईरान के पक्ष में बयान देने को लेकर पूछे गए सवाल पर स्वामी रामदेव ने कहा कि वह किसी देश के पक्ष में नहीं, बल्कि मानवतावादी, नैतिक और संवैधानिक मूल्यों के साथ खड़े रहते हैं. उन्होंने कहा कि वे केवल बोलने वाले नहीं, बल्कि सनातन परंपरा को “जीने” वाले व्यक्ति हैं.
रामदेव ने यह भी कहा कि सनातन की पहचान केवल प्रतीकों—तिलक, भगवा या कंठी—से नहीं होती, बल्कि वेद, दर्शन, उपनिषद और जीवन आचरण से होती है.
मीडिया पर साधुओं को लेकर आरोप
स्वामी रामदेव ने मीडिया पर आरोप लगाया कि कई बार टीवी डिबेट्स में ऐसे लोगों को सनातन धर्म का प्रतिनिधि बनाकर बैठाया जाता है, जिन्हें धर्म, शास्त्र और दर्शन की मूल समझ तक नहीं होती. उन्होंने कहा कि इससे सनातन धर्म की छवि को नुकसान पहुंचता है. हालांकि, नाम लेने के सवाल पर उन्होंने किसी व्यक्ति विशेष का उल्लेख करने से इनकार कर दिया.