महिला आरक्षण के मुद्दे पर संसद में बहस अब एक नए मोड़ पर पहुंच गई है. जहां सरकार इसे महिलाओं के सशक्तिकरण का ऐतिहासिक कदम बता रही है, वहीं विपक्ष आरोप लगा रहा है कि इसके जरिए राजनीति हो रही है. बहस के दौरान मुस्लिम महिलाओं के आरक्षण का सवाल उठने के बाद मामला और गर्मा गया. प्रधानमंत्री मोदी ने साफ कहा कि सरकार को क्रेडिट नहीं चाहिए, लेकिन विपक्ष ने नीयत पर सवाल खड़े किए। अखिलेश यादव के बयान और अमित शाह के जवाब ने संसद में धर्म, संविधान और आरक्षण को लेकर नई बहस छेड़ दी है. क्या मुद्दा महिलाओं के हक का है या चुनावी गणित का? पूरी चर्चा और तर्क इस वीडियो में.