स्नान पूर्णिमा 2026 पर पुरी में भगवान जगन्नाथ का 108 कलशों से भव्य महास्नान किया. यह पवित्र अनुष्ठान रथ यात्रा की शुरुआत का संकेत माना जाता है. श्रीमंदिर के मुख्य पुजारी ने बताया कि यह दिन महाप्रभु के प्राकट्य का प्रतीक है. गजानन वेश, अनवसर काल और नवयौवन दर्शन की परंपराएं इसे और भी खास बनाती हैं.