कल रात लोगों को नींद नहीं आई होगी, चांदी में गिरावट का एक्सपर्ट ने समझाया पूरा गणित

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  • प्रकाशित: जनवरी 31, 2026

नोएडा. ऑल बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेश सिंघल ने चांदी और सोने के मौजूदा बाजार हालात पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने बताया कि पिछले तीन महीनों—यानी दिवाली से लेकर 31 जनवरी तक—चांदी के भावों में रिकॉर्ड तोड़ उतार-चढ़ाव देखने को मिला है. हमने उनसे एक आधा किलो चांदी के बार का उदाहरण लेकर बात की, जिससे बाजार की चाल को आसानी से समझा जा सके।

आधा किलो चांदी: तीन महीनों का पूरा हिसाब
योगेश सिंघल ने बताया, पिछली दिवाली (तीन महीने पहले): आधा किलो चांदी का भाव था ₹50,000. 30 जनवरी को यही बार ₹2,00,000 में बिक रहा था और 31 जनवरी को भाव लुढ़ककर ₹1,50,000 पर आ गया. यानी एक ही दिन में 50,000 रुपये की गिरावट, जिससे कई निवेशकों की रातों की नींद उड़ गई.

"जो कल खरीदा, उसे तो पूरी रात नींद नहीं आई होगी"
तेज़ गिरावट पर सिंघल ने कहा, “जो लोग ऊंचे भाव में खरीद लेते हैं, उन्हें नुकसान होना तय है. हमने चांदी में तीन-चार गुना चढ़े भावों पर निवेश से हमेशा सावधान किया था.” उन्होंने समझाया कि सोना-चांदी के भावों को समझने में एक महत्वपूर्ण ‘रेश्यो’ काम करता है.

सोना-चांदी रेश्यो: निवेश का असली गणित
पहले 10 ग्राम सोने की कीमत में 1 किलो चांदी मिल जाती थी. धीरे–धीरे यह रेश्यो टूटकर 400–500 ग्राम पर आ गया. यानी चांदी सोने की तुलना में पहले ही काफी महंगी हो चुकी थी. सिंघल के मुताबिक, “जब रेश्यो ऊँचा हो, यानी सोने के मुकाबले चांदी सस्ती हो, तभी चांदी में निवेश फायदेमंद होता है। अभी चांदी महंगी है, गिरावट पहले से तय थी.”


तेज़ी का बाज़ार और ज्वेलर्स पर मार
कूचा महाजनी के बाजार पर भी इस गिरावट का सीधा असर दिखा। उन्होंने बताया, "तेज़ बढ़त के कई महीनों में ज्वेलरी सेल लगभग रुक गई. ग्राहक सिर्फ सोना-चांदी के बूलियन की बात कर रहे थे. उतार–चढ़ाव में ज्वेलर्स के लिए हर भाव पर नुकसान की स्थिति बन गई. सिंघल ने कहा, “तेज़ी में ग्राहक भी नुकसान में रहा और ज्वेलर भी. कई बार ग्राहक बिल बनाने के बाद लौटता है, लेकिन कुछ घंटों में ही भाव इतना बदल जाता है कि सौदा ज्वेलर के लिए घाटे का कारण बन जाता है.”


"तेज बहाव में भाव पकड़ना मुश्किल"
उन्होंने बताया कि कई ग्राहक छोटे-छोटे गांवों में माल भेजते हैं, लेकिन बाजार के तेज उतार–चढ़ाव में वे सही भाव पकड़ नहीं पाते और नुकसान झेलते हैं. बीते महीनों में कई लोगों ने इस चमकती धातु में अच्छा लाभ कमाया, लेकिन कई निवेशकों को भारी नुकसान भी हुआ. अचानक आई 31 जनवरी की गिरावट ने बाजार में खलबली मचा दी है, और विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि निवेश समझदारी से करें.