Khan Sir Controversy: तो एक तरफ वो प्राइवेट स्कूल हैं जहाँ एडमिशन के लिए मोटी फीस का खेल चलता है, और दूसरी तरफ वो टीचर्स हैं जो देश के सबसे आखिरी कोने में बैठे बच्चे को भी उसकी भाषा में, चुटीले अंदाज में रॉकेट साइंस समझा देते हैं। इसलिए खान सर जैसे लोग सिर्फ एक टीचर नहीं हैं, बल्कि ये हमारे देश में शिक्षा के लोकतांत्रीकरण का चेहरा भी हैं, जिन्होंने महंगी पढ़ाई की दीवार को ढहा दिया है।