तालाबंदी के दौरान आम जनता पर करोड़ों रुपए का जुर्माना और हाथरस में प्रदर्शन करने वाले लोगों पर अंतर्राष्ट्रीय साजिश का हिस्सा होने का आरोप... ये दोनों घटनाएं हमारे समय को परिभाषित कर रही हैं कि जनता होना कितना मुश्किल हो गया है. दुनियाभर में आपदाओं का इतिहास यह गवाह दे रहा है कि मौके का फायदा उठाकर सत्ता में बैठे लोग निरंकुशवादी हो जाते हैं, बेलगाम हो जाते हैं. जनता पर तरह-तरह के जुर्माने लगाए लग जाते हैं. आइए रवीश कुमार के साथ देखें पूरा प्राइम टाइम...