अयोध्या राम मंदिर के दान में कथित गड़बड़ी और चोरी के मामले ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में भूचाल ला दिया है. योगी सरकार ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए 3 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया है.
SIT का एक्शन: 3 सदस्यीय टीम आज से अपनी जांच शुरू कर रही है. यह टीम राम मंदिर जाकर कुछ संदिग्धों से पूछताछ करेगी.
15 दिन का अल्टीमेटम: SIT को इस पूरे मामले की गहन जांच कर 15 दिनों के भीतर अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपनी है.
सीएम योगी से मुलाकात: जांच शुरू करने और राम मंदिर कूच करने से पहले SIT की टीम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर उनका मार्गदर्शन ले सकती है.
समाजवादी पार्टी के गंभीर आरोप: सपा ने इसे एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना लिया है. सपा नेता रविदास मेहरोत्रा ने दावा किया है कि चंदे के पैसों में भारी गबन हुआ है और उसी पैसे से मकान खरीदे गए हैं. सपा ने इस मामले की जांच हाई कोर्ट के सिटिंग या रिटायर जज की निगरानी में कराने की मांग की है.
आखिर राम मंदिर के दान में हुए इस घपले का सच क्या है और SIT की जांच में कौन-कौन बेनकाब होगा? इस पूरी खबर की इनसाइड स्टोरी और हर सियासी प्रतिक्रिया को विस्तार से समझने के लिए वीडियो को अंत तक जरूर देखें.