बिहार के बांकीपुर उपचुनाव में जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है. बीजेपी के गढ़ माने जाने वाली इस सीट पर पीके ने 63,946 वोट पाकर बीजेपी के नीरज कुमार को 19,246 वोटों से हराया. 8 महीने पहले 2025 विधानसभा चुनाव में जन सुराज की 238 में से 237 सीटों पर जमानत जप्त हो गई थी, लेकिन इस बार पीके खुद मैदान में उतरे और 40 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया. जीत के बाद जन सुराज कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर होली खेली और जश्न मनाया. पीके ने कहा ये जीत सिर्फ विधायक की नहीं, बल्कि बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व के लिए संदेश है - 'बिहार की चिंता कीजिए, सिर्फ 5 किलो अनाज और जाति के नाम पर वोट मत मांगिए'. उन्होंने पलायन, शिक्षा और रोजगार को चुनाव का मुद्दा बनाया. राजद ने पीके को 'लोमड़ी' कहा, लेकिन तेजस्वी यादव और सम्राट चौधरी दोनों ने जीत पर बधाई दी. अखिलेश यादव से लेकर केजरीवाल तक विपक्ष ने इसे 'डबल इंजन की डबल हार' और बीजेपी के अहंकार के टूटने का प्रतीक बताया।बीजेपी ने हार की समीक्षा शुरू की. पार्टी का कहना है ये कोई छोटी सीट नहीं थी. नितिन नवीन 5 बार यहां से जीते थे. हार के कारणों में पेपर लीक आंदोलन, भरत तिवारी एनकाउंटर, उम्मीदवार बदलना और 35% से कम वोटिंग को गिनाया जा रहा है.