इस बार नगर निगम के चुनाव एक साथ हुए हैं। इस वजह से राज्य स्तर के नेताओं का कंट्रोल खत्म हो गया है। 29 नगर निगम के चुनाव एक साथ होने की वजह से फैसले लेते समय कुछ गलतियां जरूर हुईं। हालांकि, इसका एहसास होने के बाद इसे तुरंत ठीक कर लिया गया। विनोद तावड़े ने माना है कि बदलापुर मामले के आरोपी को पार्षद बनाना एक गलती थी।