22 अप्रैल 2025 को पहलगाम की बैसरन वैली गोलियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठी थी। इस आतंकी हमले के बीच एक स्थानीय टूरिस्ट गाइड 'नजाकत अली' ने वो कर दिखाया, जिसकी मिसाल आज पूरी दुनिया देती है। अपनी जान की परवाह किए बिना और अपने भाई को खोने के गम के बावजूद, नजाकत ने छत्तीसगढ़ के 11 पर्यटकों को सुरक्षित निकाला। देखिए इस गुमनाम हीरो की बहादुरी की पूरी कहानी, जिसने इंसानियत और कश्मीरी मेहमाननवाज़ी को सबसे ऊपर रखा।