2019 में जिस 2019 के आने का इंतज़ार मीडिया में जनवरी 2018 से हो रहा था वो वाला 2019 आ गया है. चुनावों की तारीखों का एलान हो चुका है. अब से पहले आपने जितने सर्वे देखे सब आउटडेटेड हो चुके हैं. अब नए सर्वे होंगे. इन सर्वे को देखने समझने का अपना एक तरीका होता है. वैसे चुनाव आ गए हैं। पाई पाई का हिसाब नहीं हो रहा है. केवल भाई भाई का हिसाब हो रहा है. हमारी कोशिश है कि भाई भाई मिलकर पाई पाई का हिसाब करें. दिल्ली और मुंबई के लोगों ने ओला और ऊबर में चलते हुए चालक भाइयों से सर्वे शुरू कर दिया है. मेरी चालकों को सलाह है. वे मुफ्त में राय न दें. पचास रुपये अलग से चार्ज करें और फिर बताएं कि लहर मोदी की तरफ है या राहुल की तरफ है. हमारे सहयोगी आनिन्दयो चक्रवरती आंकड़ों को समझने में माहिर हैं. उन्होंने एक लेख लिखा है और कुछ चैनलों पर आए चैनलों के आधार पर विश्लेषण किया है.