सुप्रीम कोर्ट ने कोलकाता में एक डॉक्टर के साथ रेप और मर्डर की घटना के बाद, डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की सुरक्षा तथा सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए एक नेशनल प्रोटोकॉल डेवलेप करने के लिए मंगलवार को 14 सदस्यीय टास्कफोर्स का गठन किया है. यह कार्यबल तीन सप्ताह के भीतर अपनी अंतरिम रिपोर्ट और दो महीने के भीतर अंतिम रिपोर्ट सौंपेगा. पर बड़ा सवाल यह है की देश में परिस्थितियां महिलाओं और बच्चियों को लेकर कब सुधरेंगी? निर्भया के बाद बारह साल बीत गए लेकिन लगता नहीं की कुछ बदला है, इसीलिए हम कह रहे है की बच्चियों नहीं बेटों के सुधारने का समय आ गया है । देखें हमारी खास चर्चा आभा सिंह (वकील और सामाजिक कार्यकर्ता) और डॉक्टर शालिनी अग्रवाल (वरिष्ठ डॉक्टर ) के साथ.