झारखंड में JSSC और JPSC परीक्षाओं में कथित धांधली और पेपर लीक को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन उग्र हो गया है. छात्रों के निशाने पर ब्लैकलिस्टेड परीक्षा एजेंसी TDPL का पूर्व मैनेजर अभय तिवारी है, जिस पर 10-12 सरकारी परीक्षाओं को संदिग्ध तरीके से पास करने और अपने पूरे परिवार व रिश्तेदारों को बड़े पदों (जैसे BSO) पर नौकरी दिलाने का आरोप है. छात्रों का दावा है कि अभय तिवारी इस पूरे सिंडिकेट का मास्टरमाइंड है, जिसने लाखों रुपये लेकर पेपर लीक किए. इस मामले में पूर्व JPSC चेयरमैन एल. ख्यांगते सहित 20 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. राज्य की सीआईडी (CID) जांच से असंतुष्ट छात्र अब सीबीआई (CBI) जांच की मांग पर अड़े हैं. इस मुद्दे पर सियासी घमासान भी जारी है. विपक्ष और केंद्र सरकार के नेता लाठीचार्ज को लेकर राज्य की हेमंत सोरेन सरकार और राहुल गांधी पर निशाना साध रहे हैं.