ईरान को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा और तीखा बयान सामने आया है. ट्रंप ने कहा है कि वे किसी भी दबाव में नहीं हैं और ईरान के साथ वेनेजुएला की तरह डील होगी. उनका दावा है कि ईरान की सैन्य क्षमता पहले ही खत्म की जा चुकी है और उसके पास न नौसेना बची है, न वायुसेना.
इजराइल के दबाव में युद्ध शुरू करने के आरोपों पर ट्रंप ने सफाई देते हुए कहा कि इजराइल ने कभी उन्हें ईरान के साथ जंग के लिए नहीं उकसाया. वहीं वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट ने खुलासा किया है कि ट्रंप की बयानबाजी से परेशान अमेरिकी सेना ने एक अहम रेस्क्यू ऑपरेशन की पूरी जानकारी राष्ट्रपति से छुपाए रखी.
ईरान संघर्ष ने ट्रंप की साख और लोकप्रियता को भी झटका दिया है. सर्वे के मुताबिक उनकी अप्रूवल रेटिंग लगातार गिर रही है और बड़ी संख्या में अमेरिकी इस जंग का विरोध कर रहे हैं. विरोधाभासी बयानों, बढ़ते सैन्य तनाव और घरेलू असंतोष के बीच सवाल यही है कि क्या ट्रंप इस जंग से निकलने का कोई रास्ता खोज पाएंगे.