देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में दूषित पानी पीने से अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 212 लोग विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं. इनमें से 50 मरीजों को इलाज के बाद छुट्टी दी जा चुकी है. यह घटना इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में हुई है, जो नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के विधानसभा क्षेत्र इंदौर-1 में आता है.
मीडिया के सवाल पर मंत्री का आपा खोना
बुधवार को NDTV ने जब मंत्री विजयवर्गीय से इस गंभीर मामले पर सवाल किया कि प्रभावित क्षेत्र में पीने के पानी की व्यवस्था क्यों नहीं सुधरी और निजी अस्पतालों के बिलों का भुगतान क्यों नहीं हुआ, तो मंत्री ने कैमरे के सामने आपा खोते हुए कहा- “छोड़ो यार, तुम फोकट (फालतू) प्रश्न मत पूछो.” इसके बाद NDTV संवाददाता और मंत्री के बीच बहस हुई, जिसमें विजयवर्गीय ने आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया. यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मंत्री को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा.
सोशल मीडिया पर माफी
विवाद बढ़ने पर विजयवर्गीय ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर खेद जताया. उन्होंने लिखा- "मैं और मेरी टीम पिछले दो दिनों से बिना सोए प्रभावित क्षेत्र में लगातार स्थिति सुधारने में जुटी हुई है. दूषित पानी से मेरे लोग पीड़ित हैं और कुछ हमें छोड़कर चले गए. इस गहरे दु:ख की अवस्था में मीडिया के एक प्रश्न पर मेरे शब्द गलत निकल गए. इसके लिए मैं खेद प्रकट करता हूं, लेकिन जब तक मेरे लोग पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ नहीं हो जाते, मैं शांत नहीं बैठूंगा."
स्थिति पर सरकार की कार्रवाई
भागीरथपुरा क्षेत्र में डायरिया के प्रकोप के बाद प्रशासन ने पानी की आपूर्ति की जांच शुरू कर दी है. प्रभावित इलाकों में मेडिकल टीमें तैनात की गई हैं और पीने के पानी की वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है.
(एनडीटीवी के लिए अनुराग द्वारी की रिपोर्ट)