शरद पवार के पार्टी अध्यक्ष पद से इस्तीफे ने एनसीपी में भूचाल तो ला ही दिया है. उनके गढ़ बारामती में भी लोगों को निशब्द कर दिया है. 5 दशक से भी ज्यादा समय से बारामती में एक छात्र राज करने वाले शरद पवार ने राष्ट्रीय राजनीति में अपनी पहचान तो बनाई ही अपने विकास कामों से बारामती को भी राष्ट्रीय पटल पर लाकर खड़ा कर दिया है.