मार्च के महीने में मीडिया ने आपका दो मुद्दों पर काफी वक्त बर्बाद किया. एक तो तबलीगी जमात को लेकर हालात को सांप्रदायकि बनाने का प्रयास किया. बीमारी को धर्म से जोड़ने की कोशिश की गई. लेकिन बाद में तस्वीर साफ होती चली गई. दूसरा प्रयास किया कि वैज्ञानिक तर्क न होने के बावजूद बार बार ये मुद्दा व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी और चौराहों पर उठाया गया कि जब तापमान बढ़ जाएगा तो कोरोना मर जाएगा. फिलहाल मई के महीने में तापमान बढ़ गया है और इसी दौरान दिल्ली में पिछले 24 घंटे में 660 नए मामले आए हैं. दिल्ली में संक्रमितों की संख्या 12,300 हो गई है. देश के और हिस्सों में भी कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है.