क्या वाकई कृषि अध्यादेश के कानून बनने (Agriculture Bills) से किसानों को आजादी मिलने जा रही है. बिचौलिए समाप्त हो जाएंगे? किसान जहां चाहेंगे वहां अपनी उपज बेच देंगे? लेकिन कहां बेचेंगे? क्या वहां कोई मंडी होगी? कोई खरीदार होगा? क्या एक राज्य से दूसरे राज्य से उपज लेकर जाएंगे वहां बिचौलिए नहीं होंगे? जिन राज्यों में ईपीएमसी यानि मंडी सिस्टम नहीं है जैसे बिहार है, क्या वहां के किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य या उससे अधिक दाम मिल रहा है? जहां पर मंडी सिस्टम है क्या वहां पर दाम मिल रहा है?