ओडिशा से एक दिल को छू लेने वाली और भावुक कर देने वाली खबर (Heart touching news from Odisha) सामने आई है. 75 साल के बाबू लोहार ने अपनी लकवाग्रस्त पत्नी (Paralyzed Wife) के इलाज के लिए अदम्य साहस का परिचय दिया. एम्बुलेंस या गाड़ी के लिए पैसे नहीं थे (No money for Ambulance), तो उन्होंने पत्नी को हाथ से खींचने वाली ट्रॉली (Trolley Rickshaw) पर लिटाया और संबलपुर से कटक तक 300 किलोमीटर से ज्यादा (300 KM Journey) का सफर पैदल तय किया. वापसी में उनके साथ एक सड़क हादसा (Road Accident) भी हुआ, लेकिन उनका हौसला नहीं टूटा. देखिये बाबू लोहार और उनकी पत्नी ज्योति की ये भावुक कहानी (Emotional Story) जो प्यार और समर्पण की नई मिसाल है.