दूरदर्शन पर जब आता था ये सीरियल तो बिजली विभाग रहता था अलर्ट पर, बिजली कटने पर लोग फूंक देते थे ट्रांसफॉर्मर

80 और 90 के दशक में पैदा हुए लोगों की दूरदर्शन से जुड़ी कई खूबसूरत यादें हैं. उस वक्त टीवी पर जो भी शो आते थे,लोग बड़े चाव से देखते थे. दूरदर्शन के कुछ सीरियल्स का तो आज तक भी कोई मुकाबला नहीं है, जैसे रामायण और महाभारत.

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दूरदर्शन पर जब आता था ये सीरियल तो बिजली विभाग रहता था अलर्ट पर
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80 और 90 के दशक में पैदा हुए लोगों की दूरदर्शन से जुड़ी कई खूबसूरत यादें हैं. उस वक्त टीवी पर जो भी शो आते थे,लोग बड़े चाव से देखते थे. दूरदर्शन के कुछ सीरियल्स का तो आज तक भी कोई मुकाबला नहीं है, जैसे रामायण और महाभारत. यह दोनों सीरियल दूरदर्शन की दुनिया के सदाबहार सीरियल्स माने जाते रहे हैं. लोगों के बीच महाभारत का क्रेज इतना जबरदस्त था कि लोग इसे देखने के लिए हर हद पार कर जाते थे. अगर शो के समय बिजली चली जाती तो कई जगहों पर लोग गुस्से में ट्रांसफार्मर में आग तक लगा देते थे.

लोगों को फूट जाता था गुस्सा 

नितिश भारद्वाज, जिन्होंने महाभारत में श्रीकृष्ण का किरदार निभाया था, उन्होंने इस क्रेज के बारे में बताया था. उन्होंने कहा था कि बिहार और उत्तर प्रदेश में रात 9-10 बजे अगर लाइट चली जाती तो लोग ट्रांसफार्मर पर आग लगा देते थे. बिजली विभाग वाले भी इस बात का ख्याल रखते थे कि महाभारत के टेलीकास्ट के समय बिजली न जाए, क्योंकि लोगों का गुस्सा झेलना उनके बस की बात नहीं थी.

रंगीन टीवी पर देखने के देते थे पैसे

इतना ही नहीं, उस समय रंगीन टीवी देखने के लिए लोग पैसे भी देते थे. एक आईएएस अधिकारी ने नितिश को बताया था कि उनके पास दो टीवी सेट थे. एक ब्लैक एंड व्हाइट और दूसरा रंगीन. रंगीन टीवी पर महाभारत देखने के लिए लोग हर एपिसोड के लिए 5 पैसे देते थे. मुंबई में भी ऐसी ही स्थिति थी. एक बिल्डिंग में दो टीवी सेट होते थे. लिविंग रूम में लोग इकट्ठा होकर शो देखते थे और पैसेज में रंगीन टीवी लगा होता था. रामायण और महाभारत ने लोगों को एक-दूसरे के करीब ला दिया. परिवार के सदस्य, पड़ोसी और सोसायटी के लोग साथ बैठकर शो देखते थे. इससे घरों और मोहल्लों में एक अलग तरह की बॉन्डिंग बन गई थी.

लोग सच में समझने लगे थे श्री कृष्ण

नितिश भारद्वाज ने यह भी बताया कि आज भी लोग उन्हें मिलते हैं तो उनके पैर छूते हैं. उन्होंने कहा कि इस देश में आस्था बहुत गहरी है. रामलीला में एक्टिंग करने वालों के पैर छूने का चलन है, तो महाभारत के जरिए पूरे देश तक पहुंचने वाले कलाकारों के लिए भी ऐसा होना स्वाभाविक है. लोग उन्हें भगवान कृष्ण की छवि से जोड़ते हैं और जो सम्मान मिलता है वह उस किरदार के लिए है, न कि व्यक्तिगत रूप से. महाभारत शो 2 अक्टूबर 1988 को शुरू हुआ था और 24 जून 1990 तक चला. इसमें कुल 94 एपिसोड आए थे. उस दौर में टीवी चैनल सिर्फ एक था और यह शो हर घर का हिस्सा बन गया था. 

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