33 साल पुराना दूरदर्शन का वो सीरियल जिसमें कान्हा के मुख में मां यशोदा को हुए संपूर्ण ब्रह्मांड के दर्शन, आज भी इस कृष्ण लीला का नहीं कोई तोड़

एक मां ने अपने बेटे को मिट्टी खाने पर डांटा और मुंह खोलने को कहा. लेकिन मुख खोलने पर उसे अपने बच्चे के मुंह में पूरा ब्रह्मांड दिखाई दिया. 33 साल पुराने 'श्रीकृष्णा' का मां यशोदा और बाल कान्हा वाला यह दृश्य आज भी लोगों को हैरान कर देता है.

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कान्हा का वो टीवी शो, जिसे 33 साल बाद भी नहीं भूले दर्शक!
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टीवी की दुनिया में कई पौराणिक सीरियल आए और गए, लेकिन कुछ दृश्य ऐसे हैं जो बरसों बाद भी आंखों के सामने वैसे ही ताजा हो जाते हैं. मां यशोदा के सामने खड़ा उनका नटखट कान्हा, मिट्टी खाने की शिकायत और फिर एक ऐसा पल, जिसने मां को भी हैरान कर दिया. जिस बालक को वह अभी डांट रही थीं, उसके मुख में उन्हें संपूर्ण ब्रह्मांड दिखाई देने लगा. कृष्ण की इस अद्भुत लीला को 33 साल पहले दूरदर्शन के मशहूर धारावाहिक 'श्रीकृष्णा' में दिखाया गया था. रामानंद सागर का यह सीरियल कृष्ण की ऐसी ही लीलाओं की वजह से आज भी दर्शकों की यादों में बसा हुआ है.

मिट्टी खाने की शिकायत और फिर बदल गया पूरा दृश्य

सीन कुछ इस तरह है कि बाल कृष्ण खेलते-खेलते मिट्टी खाने लगते हैं. जब मां यशोदा को इसकी खबर मिलती है तो वह कान्हा को डांटती हैं और सच जानने के लिए उनका मुंह खोलने को कहती हैं. यहां तक तो यह किसी भी मां और उसके शरारती बच्चे की सामान्य सी कहानी लगती है. लेकिन जैसे ही कृष्ण अपना मुंह खोलते हैं, मां यशोदा के सामने ऐसा दृश्य आता है जिसकी उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी. उस छोटे से मुख में उन्हें पूरा संसार दिखाई देता है. संपूर्ण ब्रह्मांड के दर्शन होते हैं और मां यशोदा समझ ही नहीं पातीं कि जिस बच्चे को वह अपनी गोद में खिलाती हैं, आखिर उसके भीतर यह कैसा संसार समाया हुआ है.

मां के सामने आया कान्हा का दिव्य रूप

'श्रीकृष्णा' में इस दृश्य को सिर्फ एक चमत्कार के तौर पर नहीं दिखाया गया. इसके पीछे मां यशोदा और कान्हा के रिश्ते का वह भाव भी है, जिसमें एक मां अपने बेटे को सिर्फ अपना बच्चा ही मानती है. एक तरफ वही कान्हा हैं, जिनकी शरारतों की शिकायतें यशोदा तक पहुंचती रहती हैं. कभी मिट्टी खाना, कभी माखन चोरी करना और कभी अपनी हरकतों से मां को परेशान कर देना. लेकिन उसी नटखट बालक के मुख में जब यशोदा को संपूर्ण ब्रह्मांड दिखाई देता है तो उनके सामने बेटे का एक बिल्कुल अलग और दिव्य रूप खुल जाता है. यही इस कृष्ण लीला की सबसे बड़ी खूबसूरती भी है. भगवान का विराट स्वरूप सामने है, लेकिन उसके केंद्र में मां और बेटे का रिश्ता है.

33 साल बाद भी इस दृश्य का अलग ही असर

1993 में शुरू हुए 'श्रीकृष्णा' में भगवान कृष्ण के जीवन से जुड़ी कई कहानियां और लीलाएं दिखाई गईं, लेकिन बाल कृष्ण और मां यशोदा का यह प्रसंग आज भी सबसे अलग नजर आता है. शायद इसलिए क्योंकि इसमें कृष्ण की दिव्यता और उनका बचपन एक ही दृश्य में साथ दिखाई देता है. एक पल पहले मिट्टी खाने पर डांट खाता नटखट कान्हा और अगले ही पल उसी के मुख में समाया संपूर्ण ब्रह्मांड. 33 साल पुराने इस सीरियल की यही कृष्ण लीला आज भी इसे देखने वालों को उसी तरह ठहरकर देखने पर मजबूर कर देती है.

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