- International Women's Day 2026 theme is "Give To Gain" focusing on collective generosity
- Indian Railways launched Operation Meri Saheli with 250 lady RPF teams for women travelers
- Women-only cabs and autos operate in cities like Kolkata and Delhi for safer travel
International Women's Day 2026: हर साल 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है ताकि औरतों की कामयाबियों को पहचाना जा सके. यह दिन हमें भेदभाव खत्म करने और समानता लाने की प्रेरणा देता है. इस साल 2026 की थीम है, अधिकार. न्याय. एक्शन. सभी महिलाओं और लड़कियों के लिए. इस कैंपेन का मकसद उन रुकावटों को हटाना है जो इंसाफ के रास्ते में आती हैं, जैसे कि भेदभाव वाले कानून और समाज की पुरानी सोच जो लड़कियों के हक को छीनती है.
जब हम महिलाओं की तरक्की पर ध्यान देते हैं, तो एक मजबूत समाज बनता है. भारत में केंद्र और राज्य सरकारों ने ऐसी कई योजनाएं शुरू की हैं जिनसे महिलाएं सुरक्षित महसूस कर सकें और हर क्षेत्र में आगे बढ़ें.
भारत में औरतों की सुरक्षा के लिए उठाए गए कुछ बड़े कदम | Some Of The Safety Measures For Women Launched in India Over The Years:
ऑपरेशन मेरी सहेली (Operation Meri Saheli)
साल 2020 में भारतीय रेलवे ने आरपीएफ की महिला जवानों की एक खास टीम बनाई जो अकेले सफर करने वाली महिलाओं की मदद करती है. अभी पूरे देश में ऐसी 250 टीमें काम कर रही हैं. यह प्रोजेक्ट सबसे पहले सितंबर 2020 में दक्षिण पूर्व रेलवे में शुरू हुआ था और अब यह हर जोन में लागू है.
महिला स्पेशल कैब और ऑटो (Women-Only Cabs and Autos)
कोलकाता और दिल्ली जैसे शहरों में खास तौर पर औरतों के लिए कैब और ऑटो चलते हैं जिन्हें महिला ड्राइवर ही चलाती हैं. ऊबर जैसी कंपनियों ने भी वुमन राइडर प्रेफर्ड फीचर शुरू किया है, जिससे महिला सवारी महिला ड्राइवर के साथ ही सफर कर सकती है.
सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड स्कीम (Saheli Pink Smart Card Scheme)
इसी हफ्ते दिल्ली सरकार ने सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड योजना शुरू की है. इसके जरिए महिलाएं बसों में फ्री सफर कर सकेंगी. इसकी सबसे अच्छी बात यह है कि यह कार्ड दिल्ली मेट्रो और आरआरटीएस में भी इस्तेमाल किया जा सकता है.
महिला स्पेशल रेल कोच (Women-Only Rail Coaches)
दिल्ली मेट्रो ने औरतों की सुरक्षा के लिए ट्रेन का पहला कोच रिजर्व रखा है. इसी तरह मुंबई की लोकल ट्रेनों में भी महिलाओं के लिए अलग डिब्बे होते हैं ताकि भीड़भाड़ के समय उन्हें परेशानी न हो.
बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ (Beti Bachao Beti Padhao)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनवरी 2015 में यह स्कीम शुरू की थी ताकि लिंग के आधार पर होने वाले भेदभाव को रोका जा सके. सुकन्या समृद्धि योजना भी इसी का हिस्सा है जिसके तहत छोटी बच्चियों के नाम पर बैंक खाता खोला जा सकता है.
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (Pradhan Mantri Matru Vandhana Yojna)
इस योजना के तहत गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं को 5000 रुपये की आर्थिक मदद तीन किस्तों में सीधे उनके खाते में दी जाती है. यह मदद परिवार के पहले बच्चे के जन्म पर मिलती है.
किशोरी शक्ति योजना (Kishori Shakti Yojna)
यह योजना 11 से 18 साल की लड़कियों की सेहत और पोषण सुधारने के लिए है. इसके साथ ही उन्हें जीवन में काम आने वाले हुनर सिखाने की ट्रेनिंग भी दी जाती है ताकि उनका आत्मविश्वास बढ़ सके.