गोवा ट्रिप होगी अब सुपरफास्ट, बेंगलुरु से Goa सिर्फ 12 घंटे में! Beach पर जाने से पहले क्या तैयारी करनी चाहिए, जानिए

वंदे भारत एक्सप्रेस लगभग 12 से 12 घंटे 5 मिनट में यह सफर पूरा कर सकती है. अभी जो वास्को डी गामा-यशवंतपुर एक्सप्रेस चलती है, उसे यही दूरी तय करने में लगभग 15 घंटे लगते हैं.

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अब लंबे सफर को छोटा करने की तैयारी हो रही है.

गोवा (Goa) घूमने का प्लान बनाते ही सबसे बड़ा सवाल होता है सफर कितना लंबा होगा? बेंगलुरु (Bengaluru) से गोवा की दूरी भले ही लगभग 700 किलोमीटर हो, लेकिन पहाड़ी घाट सेक्शन और कोंकण क्षेत्र की घुमावदार पटरियों के कारण ट्रेन यात्रा में करीब 15 घंटे लग जाते हैं. अब इस लंबे सफर को छोटा करने की तैयारी हो रही है. रेलवे विभाग बेंगलुरु के यशवंतपुर रेलवे स्टेशन और गोवा के मडगांव रेलवे स्टेशन के बीच एक सेमी हाई-स्पीड ट्रेन (Speed Train) चलाने की संभावना तलाश रहा है. इस प्रस्ताव को हाल ही में साउथ वेस्टर्न रेलवे, साउथ रेलवे और कोंकण रेलवे कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने मिलकर रेलवे बोर्ड को भेजा है. अगर मंजूरी मिलती है, तो यह सर्विस वंदे भारत एक्सप्रेस (Vande Bharat Express) के रूप में शुरू हो सकती है.

कितना समय लगेगा?

प्रस्ताव के अनुसार, वंदे भारत एक्सप्रेस लगभग 12 से 12 घंटे 5 मिनट में यह सफर पूरा कर सकती है. अभी जो वास्को डी गामा-यशवंतपुर एक्सप्रेस चलती है, उसे यही दूरी तय करने में लगभग 15 घंटे लगते हैं.

समय में यह 3 घंटे की बचत यात्रियों के लिए बड़ी राहत हो सकती है, खासकर वीकेंड ट्रिप या बिजनेस यात्राओं के लिए.

कौन-कौन से स्टेशन पर रुकेगी?

प्रस्तावित रूट में ट्रेन सीमित स्टॉप पर ही रुकेगी, जिनमें शामिल हैं:

  • हासन
  • सकलेशपुर
  • सुब्रमण्य रोड
  • पाडिल

यह रूट मंगलुरु स्टेशनों को बायपास करेगा, जिससे सफर थोड़ा तेज हो सकेगा. हालांकि, कोंकण और घाट सेक्शन की वजह से ट्रेन की औसत गति करीब 50 किमी प्रति घंटा ही रहने की संभावना है.

घाट सेक्शन क्यों है चुनौती?

कोंकण रेलवे का इलाका प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन यहां की खड़ी चढ़ाई और तीखे मोड़ ट्रेन की रफ्तार को सीमित कर देते हैं. कुछ हिस्सों में तो सुरक्षा कारणों से ट्रेन की स्पीड 30 किमी प्रति घंटा तक कम करनी पड़ सकती है. हालांकि वंदे भारत ट्रेन तकनीकी रूप से 160 किमी प्रति घंटा से ज्यादा की रफ्तार पकड़ सकती है, लेकिन इस रूट पर भूगोल और भूमि सीमाएं इसकी पूरी क्षमता का उपयोग नहीं करने देंगी.

समय में बदलाव की संभावना

रेलवे बोर्ड ने सुझाव दिया है कि ट्रेन का प्रस्थान समय शाम 6:00 बजे की बजाय सुबह 6:30 बजे रखा जाए, ताकि यात्रियों को दिन के समय यात्रा का विकल्प मिल सके. इसके अलावा, अधिकारियों द्वारा यह भी विचार किया जा रहा है कि सेवा यशवंतपुर की बजाय केएसआर बेंगलुरु स्टेशन से चलाई जाए, जिससे ज्यादा यात्रियों को सुविधा मिल सके.

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यात्रियों को क्या फायदा?

  • तेज और आरामदायक यात्रा
  • कम स्टॉप, ज्यादा सीधी कनेक्टिविटी
  • आधुनिक सुविधाएं और बेहतर सीटिंग
  • वीकेंड और पर्यटन के लिए बेहतर विकल्प

अगर यह सर्विस शुरू होती है, तो बेंगलुरु और गोवा के बीच यात्रा का अनुभव काफी बेहतर हो सकता है.

गोवा जाने के लिए तैयार हैं? यहां कुछ जरूरी बातें जान लें:

  • कब जाएं: अक्टूबर से फरवरी तक गोवा का मौसम सुहावना रहता है.
  • घूमने की जगहें:  पालोलेम बीच, बागा बीच, फोर्ट अगुआड़ा, दूधसागर वॉटरफॉल.
  • खाने-पीने का: गोवा का सीफूड और फेनी (कासू) ट्राई करें.
  • रहने के लिए: बागा और कैलंगुट में होटल बुक करें, बीच के नजदीक.
  • ट्रांसपोर्ट: टैक्सी या बाइक रेंटल से घूमें

बेंगलुरु-गोवा वंदे भारत सर्विस फिलहाल प्रस्ताव के स्टेज में है और रेलवे बोर्ड की समीक्षा में है. अगर इसे हरी झंडी मिलती है, तो यह कर्नाटक और गोवा के बीच कनेक्टिविटी को नई रफ्तार दे सकती है.

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