Yellow Teeth Cleaning Solution: सुबह उठते ही हम सबसे पहले ब्रश करते हैं. कई लोग दिन में दो बार ब्रश भी करते हैं, फिर भी आईने में देखने पर दांतों पर हल्की पीली परत नजर आती है. धीरे-धीरे यही परत मोटी होकर बदबू, मसूड़ों की सूजन और दांतों की कमजोरी का कारण बन जाती है. अक्सर लोग सोचते हैं कि मैं तो रोज ब्रश करता हूं, फिर भी दांत पीले क्यों हो रहे हैं? इसका जवाब है. प्लाक और टार्टर (कैलकुलस). यह एक चिपचिपी बैक्टीरिया की परत होती है जो दांतों पर जमा हो जाती है. अगर समय रहते इसे साफ न किया जाए, तो यह सख्त होकर टार्टर बन जाती है, जिसे सामान्य ब्रश से हटाना संभव नहीं होता.
ऐसे में अगर आप भी पीले दांतों को सफेद करने के लिए घरेलू उपाय (Home Remedies to Whiten Yellow Teeth) तलाश रहे हैं या नेचुरल तरीके से दांत सफेद करना चाहते हैं, तो डेंटिस्ट संदीप ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर दांतों को चमकाने का एक वीडियो (Video of Teeth Whitening) शेयर किया है. आइए आसान भाषा में समझते हैं कि प्लाक क्यों जमता है और इसे साफ करने का सही तरीका क्या है.
दांतों पर प्लाक क्यों जम जाता है? | Why Does Plaque Accumulate on Teeth?
हमारे मुंह में हमेशा बैक्टीरिया मौजूद रहते हैं. जब हम खाना खाते हैं. खासकर मीठा या स्टार्च वाला भोजन तो ये बैक्टीरिया उसे तोड़कर एसिड बनाते हैं. यही एसिड दांतों पर चिपचिपी परत बना देता है, जिसे प्लाक कहते हैं. अगर 24 से 48 घंटे के अंदर यह परत पूरी तरह साफ न हो, तो यह सख्त होकर टार्टर में बदल जाती है. इसके बाद इसे हटाने के लिए डेंटिस्ट की मदद लेनी पड़ती है.
सही ब्रश करने का तरीका क्या है? | What Is The Correct Brushing Method?
सिर्फ दिन में दो बार ब्रश करना काफी नहीं है, सही तरीके से ब्रश करना ज्यादा जरूरी है:
- हमेशा सॉफ्ट ब्रिसल वाला ब्रश चुनें.
- ब्रश को मसूड़ों की लाइन पर 45 डिग्री के एंगल पर रखें.
- हल्के-हल्के गोल घुमाते हुए ब्रश करें.
- आगे-पीछे जोर से रगड़ने से मसूड़ों को नुकसान हो सकता है.
- कम से कम 2 मिनट तक ब्रश करें.
बहुत लोग जल्दी-जल्दी ब्रश करके समझ लेते हैं कि सफाई हो गई, लेकिन मसूड़ों के पास की गंदगी अक्सर रह जाती है.
लार (Saliva)
हर व्यक्ति की लार की बनावट अलग होती है. कुछ लोगों की लार में कैल्शियम और मिनरल्स ज्यादा होते हैं. ऐसे लोगों में प्लाक जल्दी सख्त होकर टार्टर बन जाता है. यह काफी हद तक जेनेटिक होता है, लेकिन सही देखभाल से इसे कंट्रोल किया जा सकता है. मुंह सूखा रहने से भी प्लाक तेजी से जमता है, इसलिए पर्याप्त पानी पीना जरूरी है.
खानपान और आदतों का असर:
- हम जो खाते हैं, उसका सीधा असर दांतों पर पड़ता है.
- ज्यादा मीठा, चिपचिपा और स्टार्च वाला खाना बैक्टीरिया को बढ़ाता है.
- बार-बार स्नैकिंग करने से दांतों पर परत जल्दी बनती है.
- स्मोकिंग या तंबाकू टार्टर को तेजी से जमने में मदद करते हैं.
- कम पानी पीने से मुंह सूखा रहता है, जिससे प्लाक बनने की संभावना बढ़ जाती है.
इसलिए बैलेंस डाइट और सही आदतें बेहद जरूरी हैं.
फ्लॉस और माउथवॉश क्यों जरूरी हैं? | Why Are Floss and Mouthwash Important?
- ब्रश दांतों की सिर्फ 60-70% सतह साफ करता है. दांतों के बीच और मसूड़ों के नीचे की जगह पर गंदगी रह जाती है.
- रोजाना डेंटल फ्लॉस का इस्तेमाल करें.
- जरूरत हो तो वॉटर फ्लॉसर का प्रयोग करें.
- एंटी-प्लाक माउथवॉश से कुल्ला करें.
ये छोटे कदम प्लाक को सख्त होने से पहले ही हटाने में मदद करते हैं.
प्रोफेशनल क्लीनिंग कब करानी चाहिए?
अगर प्लाक टार्टर में बदल गया है, तो घर पर उसे हटाना संभव नहीं है. ऐसे में डेंटिस्ट द्वारा की जाने वाली स्केलिंग और प्रोफेशनल क्लीनिंग जरूरी होती है.
- हर 6 महीने में दांतों की जांच कराएं.
- टार्टर कंट्रोल टूथपेस्ट का इस्तेमाल करें.
- इलेक्ट्रिक टूथब्रश अधिक प्रभावी हो सकता है.
- हर भोजन के बाद कुल्ला करना न भूलें.
हेल्थ दांतों के लिए छोटी लेकिन जरूरी आदतें:
- दिन में दो बार सही तरीके से ब्रश
- रोज फ्लॉस का इस्तेमाल
- मीठा सीमित मात्रा में
- भरपूर पानी पिएं
- हर 6 महीने में डेंटल चेकअप
दांतों पर जमा पीली परत सिर्फ सौंदर्य की समस्या नहीं है, बल्कि यह ओरल हेल्थ के लिए खतरे की घंटी है. प्लाक को नजरअंदाज करने से मसूड़ों की बीमारी, बदबू और दांतों की कमजोरी जैसी समस्याएं हो सकती हैं.