बरसात का मौसम अपने साथ कई बीमारियां भी लेकर आता है. अक्सर लोग मानसून में काफी बीमार पड़ते हैं. खासतौर पर बच्चों के लिए ये मौसम खतरनाक हो सकता है. इस दौरान सबसे ज्यादा बीमारियां गंदे पानी से होती हैं. लोगों के घरों तक पहुंचने वाला जहरीला पानी कई गंभीर बीमारियां अपने साथ लेकर आता है. ऐसे में आज हम आपको पानी की जांच करने के कुछ तरीके बता रहे हैं, जिनसे आप पता सकते हैं कि जो पानी आपके घर आया है वो कितना साफ है.
ऐसे कर सकते हैं गंदे पानी की पहचान
आमतौर पर लोग किट के जरिए पानी की क्वालिटी का पता लगाते हैं, लेकिन हर किसी के घर में पानी टेस्ट करने वाली किट नहीं होती है, ऐसे में आप कुछ तरीकों से इसकी जांच कर सकते हैं. जो काफी आसान हैं.
लिटमस टेस्ट: अगर आपको पता करना है कि आपके घर आने वाला पानी कितना साफ है तो आप इसका लिटमस टेस्ट भी कर सकते हैं. इसके लिए पानी के एक गिलास में लिटमस पेपर डालकर देखें, शुद्ध पानी में लिटमस पेपर रंग नहीं बदलता है. अगर इसका माप 7 से 8 के बीच आता है तो पानी ठीक है, लेकिन इससे ज्यादा आने पर पानी पीने लायक नहीं होता है.
सूंघकर लगा सकते हैं पता: अगर आपके घर आने वाले पानी में मिट्टी या फिर कोई दूसरी गंध आ रही है तो इसे अपने परिवार को बिल्कुल भी न पीने दें. पानी अगर जहरीला है तो इसकी स्मेल कुछ हद तक बदल जाएगी, ऐसे में सूंघकर आप इसका पता लगा सकते हैं. ऐसे पानी को काफी देर तक उबालने के बाद ही पीना चाहिए.
टीडीएस मीटर: आप मार्केट से टीडीएस मीटर खरीद सकते हैं, ये ज्यादा महंगा नहीं होता है. आप किसी भी बर्तन में पानी डालकर इसे टेस्ट कर सकते हैं. WHO के मुताबिक पानी में टीडीएस लेवल 100 से लेकर 250 पार्ट्स पर मिलियन होना चाहिए.
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कैसे कर सकते हैं बचाव?
अगर आपके घर पर RO लगा हुआ है तो उसकी बरसात के मौसम में एक बार जरूर सर्विसिंग करवानी चाहिए. इसका फिल्टर मिट्टी और गंदगी से खराब हो जाता है, ऐसे में उसे नहीं बदलने से आप बीमार हो सकते हैं. अगर आपके घर पर पानी की बोतल आ रही है तो एक बार जरूर RO प्लांट पर जाकर पानी का PH लेवल या टीडीएस की मात्रा देखें. कोशिश करें कि मानसून में पानी को पहले उबालें और फिर उसे नॉर्मल कर पिएं.