Oily Hair: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में बालों की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं. इस कड़ी में बालों का चिपचिपा और ऑयली हो जाना जैसी परेशानियां भी देखी जा रही हैं. सुबह उठते ही बाल ऐसे लगते हैं, जैसे उन पर तेल लगाया गया हो, वहीं बाहर से लौटने पर पसीने के साथ बाल आपस में चिपक जाते हैं. यह समस्या लुक को खराब करती है. साथ ही बालों के झड़ने और स्कैल्प से जुड़ी दूसरी परेशानियों को भी बढ़ावा देती है. आयुर्वेद के अनुसार, शरीर में कफ दोष बढ़ने पर तैलीयपन ज्यादा हो जाता है. यही कफ दोष स्कैल्प में अतिरिक्त तेल बनाने लगता है, जिससे बाल भारी, चिपचिपे और बेजान नजर आने लगते हैं.
वहीं, विज्ञान की मानें तो, हमारे सिर की त्वचा में मौजूद सेबेशियस ग्लैंड जरूरत से ज्यादा सीबम यानी तेल बनाने लगती हैं. यह तेल अगर संतुलन में रहे तो बालों के लिए अच्छा होता है, लेकिन जब इसकी मात्रा बढ़ जाती है, तो परेशानी शुरू हो जाती है.
गर्मी और पसीना बालों की इस समस्या को और बढ़ा देते हैं. जब मौसम गर्म होता है, तो शरीर खुद को ठंडा रखने के लिए ज्यादा पसीना छोड़ता है. स्कैल्प पर पसीना और तेल मिलकर एक ऐसी परत बना देते हैं जिससे बाल चिपकने लगते हैं. इसके अलावा, बार-बार शैंपू करना भी नुकसान पहुंचा सकता है. ज्यादा शैंपू करने से स्कैल्प अपनी नमी खो देता है. खान-पान का असर भी बालों पर साफ दिखता है. ज्यादा तला-भुना, जंक फूड और मीठा खाने से शरीर में अंदरूनी गर्मी और कफ बढ़ता है, जिसका सीधा असर स्कैल्प पर पड़ता है. गंदा स्कैल्प, डैंड्रफ और बैक्टीरिया भी बालों को चिपचिपा बना सकते हैं. जब सिर की त्वचा साफ नहीं रहती, तो तेल, पसीना और गंदगी मिलकर रोमछिद्रों को बंद कर देते हैं, जिससे बाल कमजोर होने लगते हैं.
रीठा-शिकाकाई
आयुर्वेद कहता है कि समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए प्रकृति उपायों को अपनाना जरूरी है. रीठा और शिकाकाई का इस्तेमाल सदियों से बालों की सफाई के लिए किया जाता रहा है. यह बालों को बिना नुकसान पहुंचाए अतिरिक्त तेल को हटाते हैं और स्कैल्प को सांस लेने का मौका देते हैं. इनमें मौजूद प्राकृतिक तत्व बालों को साफ करते हैं और उनकी मजबूती भी बनाए रखते हैं.
एलोवेरा
एलोवेरा को आयुर्वेद में ठंडक देने वाला माना गया है. जब स्कैल्प पर एलोवेरा जेल लगाया जाता है, तो यह गर्मी और जलन को शांत करता है. विज्ञान भी मानता है कि एलोवेरा में ऐसे एंजाइम होते हैं जो तेल के संतुलन को ठीक करते हैं और स्कैल्प को हेल्दी बनाते हैं. नियमित इस्तेमाल से बाल हल्के, मुलायम और कम चिपचिपे हो जाते हैं.
मुल्तानी मिट्टी
मुल्तानी मिट्टी भी असरदार उपाय है. यह मिट्टी अतिरिक्त तेल को सोखने की ताकत रखती है. जब इसे सिर पर लगाया जाता है, तो यह स्कैल्प को गहराई से साफ करती है और बालों को फ्रेश लुक देती है. नींबू का रस मिलाने से इसका असर और बढ़ जाता है. नींबू प्राकृतिक रूप से तेल को कम करने में मदद करता है.
नीम
नीम को आयुर्वेद में औषधि माना गया है. नीम के पानी से बालों को धोने से स्कैल्प पर मौजूद बैक्टीरिया और गंदगी साफ होती है. इससे न सिर्फ चिपचिपापन कम होता है, बल्कि डैंड्रफ और खुजली की समस्या से भी राहत मिलती है.
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