Minimalist Lifestyle: कम चीजों में खुश रहना नया ट्रेंड या मजबूरी?

Minimalist Lifestyle क्या है और क्यों आजकल लोग कम चीजों में जीने की ओर बढ़ रहे हैं? जानिए क्या ये नया ट्रेंड है या आज के समय में बढ़ती महंगाई की वजह से होती मजबूरी.

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लोगों के बीच क्यों बढ़ रहा है सादी जिंदगी जीने का क्रेज.

Minimalist Lifestyle: आजकल सोशल मीडिया पर एक चीज है जो बहुत सुनने को मिल रही है कि हमें Minimalist Lifestyle पसंद है. लोग अब चकाचौंध, लग्जरी लाइफ से हटकर सादा, सिंपल और सुकून भरी चीजों के साथ रहना है ऐसी ही लाइफ को जीना पसंद कर रहे हैं. मिनिमिल्स्ट लाइफस्टाइल की बात करें तो इसमें घर में कम सामान, कम खर्च और ज्यादा सुकून. ऐसे में सवाल ये उठता है कि क्या लोग अपनी पसंद और खुशी से इस सादगी भरे जीवन को अपना रहे हैं या फिर इसके पीछे की वजह है आज के समय में बढ़ती हुई मंहगाई और भागदौड़ भरी जिंदगी जो एक मजबूरी बन गई है?

सालों पुरानी है ये लाइफस्टाइल 

बता दें कि मिनिमिलिस्ट लाइफस्टाइल का चलन अभी नहीं शुरु हुआ है. बल्कि ये परंपरा सालों पुरानी है. भारत में पहले से ही 'सादा जीवन, उच्च विचार' की परंपरा चली आ रही है. पहले के समय में लोग अपने पास बस जरूरत और काम की चीजें ही रखते थे. उनके पास बेवजह चीजें ना थी ना ही वो इसको जमा करते थे. बस आज के समय में इस विचार को मिनिमिलिस्ट लाइफस्टाइल का नाम दे दिया गया है. 

लग्जीरियस लाइफस्टाइल

आज के समय में लोग अपने काम को आसान बनाने के लिए कई चीजों की मदद लेते हैं. फिर वो चाहे घर को साफ करने के लिए हाउस हेल्प रखना हो या फिर रोबोटिक क्लीनर खरीद लेना. इस बात में कोई संदेह नहीं है कि जिंदगी को आसान बनाने के लिए की गई इन चीजों को संभालने और अरेंज करने में भी काफी मेहनत लगती है. हाउस हेल्प को काम समझाना पड़ता है तो वहीं रोबोट की भी सेटिंग करनी पड़ती है. ऐसे में लोग अब कम चीजों के साथ रहने को ज्यादा आरामदायक और बेहतर मानते हैं.

क्या मानते हैं लोग 

आपको बता दें कि जो लोग मिनिमिलिस्ट लाइफ को पसंद करते हैं उनका कहना है कि जब घर में और जिंदगी में बिना काम की चीजें कम होती हैं तो मन भी हल्का रहता है और तनाव भी नहीं होता है. ऐसे में वो अपने जरूरी कामों पर ज्यादा ध्यान दे पाते हैं. यही वजह है कि लोग अपनी फालतू पैसा खर्च करने और फालतू चीजों को खरीदने से बच रहे हैं और अपने खर्चों को कम कर रहे हैं. 

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पसंद या मजबूरी

जहां कुछ लोग इस लाइफस्टाइल को अपनी पसंद से अपना रहे हैं, वहीं कुछ लोगों के लिए ये ट्रेंड नहीं बल्कि उनकी एक मजबूरी हो सकती है. बढ़ती महंगाई, शहर के खर्च और तेज रफ्तार जिंदगी में हर किसी के लिए लग्जरी लाइफ जीना आसान नहीं होता है. एक ये भी वजह है कि लोग खुद-ब-खुद भी कम चीजों के साथ जीना सीख रहे हैं. 

सोशल मीडिया पर भी क्रेज

बता दें कि सोशल मीडिया पर जहां कुछ इंफ्लुएंसर अपना लग्जरी घर और चीजें दिखाते हैं. वहीं कुछ ऐसे इंफ्लुएंसर भी है जो अपनी सिंपल सी लाइफस्टाइल दिखा कर लोगों को इंस्पायर करते हैं. जिससे दूसरे लोगों को भी अपनी जिंदगी को थोड़ा आसान सा सादा बनाने में मदद मिलती है.

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आपको बता दें कि लाइफ मिनिमिलिस्ट हो या फिर लग्जरी से भरी जब आप चीजों को सही से बैलेंस कर के चलते हैं तो आपकी लाइफ बेहतर होती है. अगर जिंदगी में जरूरत की चीजें हों और फालतू चीजों का बोझ न हो, तो यही मिनिमलिज्म का असली मतलब है.

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