Tips to Save Cooking Gas (LPG): ईरान-इजरायल के युद्ध का असर दुनिया में महंगाई के तौर पर भी दिख रहा है. यहां ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी हुई का संशय लगातार बना हुआ है. इस बीच एलपीजी सिलेंडरों की कीमत भी बढ़ गई है. घरेलू एलपीजी सिलेंडर (14.2 किलोग्राम) की कीमतें 60 रुपये की बढ़ोतरी के बाद 900 रुपये के पार पहुंच गई हैं. वहीं कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर (19 किलोग्राम) की बात करें तो इसमें 115 रुपये की भारी भरकम बढ़ोतरी हुई है. ऐसे में आमलोग परेशान है.
वहीं, कई शहरों में कमर्शियल सिलेंडर की किल्लत देखी जा रही है. ऐसे में घर गृहणी की ये चिंता है कि वह किस तरह मौजूदा एलपीजी सिलेंडर को अधिक से अधिक दिन तक इस्तेमाल कर सकें. इसके लिए हम आपको यहां कुछ खास टिप्स बता रहे हैं जिससे आपका सिलेंडर अधिक दिनों तक चल सकेगा.
कुकिंग गैस बचाने के असरदार टिप्स (Effective Tips to Save Cooking Gas)
- प्रेशर कुकिंग : पारंपरिक खाना पकाने के तरीकों की तुलना में प्रेशर कुकिंग से खाना पकाने का समय और फ्यूल दोनों बचते हैं. PCRA यानी Petroleum Conservation Research Association के अनुसार, प्रेशर कुकिंग से चावल पर 20%, भीगी हुई दालों पर 46%, सब्जियों पर 50-70% और मीट पर 41.5% फ्यूल बचता है.
- धीमी आंच पर खाना पकाएं : जब आंच तेज़ होती है, तो फ्यूल गर्मी के रूप में बर्बाद होता है. बर्तन या पैन की सतह से निकलने वाली ज़्यादा आंच उसके आस-पास की हवा सोख लेती है. बॉइलिंग पॉइंट पर पहुंचने के बाद आंच कम करने से 25% तक फ्यूल बच सकता है.
- अनाज को भिगो कर करें इस्तेमाल : दाल, चावल और दूसरे अनाज को भिगो कर पकाने से फ्यूल बचाने में मदद मिलती है. क्योंकि खाना पहले ही पानी सोख चुका होता है, इसलिए खाना पकाने के दौरान भाप बनकर उड़ने वाले पानी की मात्रा कम हो जाती है. भिगोने से न सिर्फ गैस बचती है बल्कि यह आपकी सेहत के लिए भी अच्छा है.
- चौड़े बर्तनों में पकाएं : चौड़े बर्तनों में खाना पकाने से फ़्यूल बचता है क्योंकि बर्नर से निकलने वाली लौ बर्तन की सतह पर जमा हो जाती है, जिससे वह बर्बाद नहीं होती. चौड़े बर्तन न सिर्फ गैस बचाते हैं बल्कि जल्दी और एक जैसा खाना पकाने में भी मदद करते हैं.
- पानी की सही मात्रा : बर्तनों में ज़्यादा पानी होने पर उसे भाप बनने में ज्यादा समय लगता है, जिससे गैस की खपत ज़्यादा होती है. बर्तनों में ज्यादा पानी भरने से खाना ज्यादा पक जाता है या जल जाता है, जिससे गैस और खाना दोनों बर्बाद होते हैं.
- छोटे बर्नर का इस्तेमाल करें : बड़े बर्नर की तुलना में छोटे बर्नर 6-10% कम फ्यूल खाते हैं. छोटे बर्नर का रेडियस का मतलब है कि आस-पास कम गर्मी जाती है, जिससे गैस बचती है.
- खाना बनाते समय ढक्कन का इस्तेमाल करें : खाना बनाते समय बर्तनों को ढकने से न सिर्फ गैस बचती है बल्कि यह एक सुरक्षित तरीका भी है. जब आप ढक्कन लगाकर खाना पकाते हैं, तो गर्मी अंदर ही रह जाती है और खाना जल्दी पकता है, जिसका मतलब है कि गैस कम खर्च होता है.
- बर्नर साफ करें : बर्नर में जमी कालिख एक रुकावट की तरह काम करती है और बर्तनों को गर्म होने में ज़्यादा समय लेती है. पीली और नारंगी लपटों पर ध्यान दें, जो बर्तनों को गर्म करने में कम असरदार होती हैं. कुकिंग गैस बचाने के लिए बर्नर को रेगुलर साफ करते रहे.
- बर्तनों को अच्छे से करें साफ : साफ़ बर्तनों की सतह पर कोई कोटिंग नहीं होती, जिससे गर्मी अच्छे से निकलती है. कचरा या गंदगी इंसुलेटर का काम करती है और गर्मी को खाने तक पहुंचने से रोकती है. साफ़ बर्तन न सिर्फ़ खाना बनाते समय फ्यूल बचाते हैं बल्कि किचन में सेहतमंद माहौल भी बनाते हैं.
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