Perfume On Skin: गुड बॉडी स्मेल के लिए लोग डिओडोरेंट सेंट और परफ्यूम का इस्तेमाल करते हैं. इससे सामने वाले पर अच्छा इंप्रेशन पड़ता है और इससे कॉन्फिडेंस भी आता है. लग्जरी लाइफस्टाइल में परफ्यूम (Perfume) खास जगह रखता है और लोग मंहगे-मंहगे परफ्यूम का इस्तेमाल करते हैं. यहां तक कि कुछ लोग तो इंपोर्टेड और एक्सपेंसिव परफ्यूम भी लगाते हैं. परफ्यूम ज्यादातर गले और कलाइयों पर छिड़का जाता है. परफ्यूम लोगों के लाइफस्टाइल का हिस्सा बन चुका है और तकरीबन लोग ऑफिस या पार्टी में जाते वक्त डियो और परफ्यूम लगाना नहीं भूलते हैं. अगर आप भी ऐसा करते हैं तो आपको अभी से अलर्ट होने की जरूरत है. क्योंकि परफ्यूम (Perfumes and Problems) लगाने से कई बीमारियों का खतरा है.
परफ्यूम लगाने के नुकसान? | Why You Should Stop Spraying Perfume on Your Neck
परफ्यूम को डायरेक्ट स्किन (गले और कलाई) पर नहीं लगाना चाहिए, क्योंकि इससे एक या दो नहीं बल्कि कई शारीरिक नुकसान हो सकते हैं. गले की स्किन पर परफ्यूम छिड़कने से थायराइड ग्लैंड्स पर बुरा असर पड़ सकता है. इससे सांस लेने में तकलीफ, सिर में दर्द और मतली की समस्या हो सकती है. इससे हार्मोन असंतुलन बढ़ता है और सेक्सुअल हेल्थ पर भी इसका खतरनाक प्रभाव पड़ता है. इसके अलावा पुरुषों के टेस्टिकल और महिलाओं की ओवेरीज को भी परफ्यूम के केमिकल्स से नुकसान पहुंच सकता है. परफ्यूम के ज्यादा इस्तेमाल से फर्टिलिटी रेट (महिलाओं में बच्चे पैदा करने की दर) घट रही है.परफ्यूम लिवर को भी नुकसान पहुंचाता है, जिसके कारण पेट से जुड़ी कई समस्याएं पैदा हो सकती हैं. इसलिए एक्सपर्ट नेचुरल सेंट लगाने की सलाह देते हैं.
स्किन से जुड़ी होती हैं ये समस्याएं | Can Perfume Cause Skin Problems?
परफ्यूम और सेंट आदि फ्रेग्नेंस वाले प्रोडक्ट खासकर स्किन के लिए बहुत नुकसानदायक होते हैं. अगर परफ्यूम को डायरेक्ट स्किन पर लगाते हैं तो इससे त्वचा संबंधी कई समस्याएं हो सकती हैं. इसमें रेशैज, चकत्ते बनना, त्वचा पर सूजन और स्किन काली होने जैसी प्रॉब्लम हो सकती हैं. परफ्यूम में फ्थलेट्स (Phthalates) और बीपीए जैसे केमिकल्स होते हैं, जो एंडोक्राइन सिस्टम पर अटैक करते हैं. इसी के कारण एक्जिमा और सिरोसिस जैसी स्किन से जुड़ीं भयंकर समस्याएं होने लगती हैं. इससे स्किन सेल्स पर भी बुरा असर पड़ता है. कलाई पर परफ्यूम लगाने से स्किन सेल्स बंद होने लगती है. त्वचा में नमी कम होने लगती है, जिसकी वजह से स्किन ड्राईनेस, स्किन एलर्जी, जलन, खुजली हो सकती है. इसी के साथ एजिंग की प्रक्रिया भी तेज हो जाती है. इसके बाद झुर्रियां और फाइन लाइन्स जैसे एजिंग सिंप्टम्स दिखने लगते हैं और चेहरे पर बुढ़ापा नजर आने लगता है.
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