Gen-Z को लेकर किए गए एक शोध के नतीजे सामने आए हैं. इन नतीजों में जो कहा गया है, वो बेहद चौंकाने वाला है. इस शोध को लेकर काफी चर्चा हो रही है कि इसके नतीजों में जो सामने आया है, वो Gen-Z के बेहद एक्टिव व इंटेलिजेंट पीढ़ी होने पर सवालिया निशान खड़ा करता है. सोशल मीडिया पर भी इस शोध की काफी अधिक चर्चा है. जानें क्या है ये शोध और इतके नतीजों को लेकर क्या बातें की जा रही हैं.
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शोध के नतीजे क्या हैं
शोध के नतीजों में कहा गया है कि जब से मानव आईक्यू को रिकॉर्ड किया जा रहा है, तब से लेकर अब तक Gen-Z,पहली ऐसी पीढ़ी है, जो अपने माता-पिता से कम इंटेलिजेंट है. यानी अब तक यह सामने आता रहा था कि बच्चे अपने माता-पिता से अधिक इंटेलिजेंट होते थे लेकिन Gen-Z के मामले में ऐसा नहीं है. इसका सीधा अर्थ ये निकलता है कि Gen-Z के माता-पिता जिस पीढ़ी (Millennials) से हैं , वह पीढ़ी Gen-Z से अधिक इंटेलिजेंट है.
दरअसल, शोध में Gen Z के ग्रुप ने अपनी पिछली पीढ़ी की तुलना में कम स्कोर किया था. शोध के दौरान फोकस, मेमोरी, रीडिंग, मैथ्स स्किल्स, प्रॉब्लम सॉल्विंग आदि पर प्रश्न पूछे गए थे. इसमें कुल मिलाकर Millennials की तुलना में Gen Z के IQ में गिरावट देखी गई है.
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किसने किया शोध
डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार, ये शोध न्यूरोसाइंटिस्ट डॉ. जेरेड कूनी होर्वथ ने किया है. होर्वथ ने बताया कि Gen Z की इंटेलिजेंस में गिरावट देखी गई है. उन्होंने कहा कि Gen Z के बच्चे Millennials की तुलना में स्कूल में ज्यादा समय बिताते हैं, इसके बावजूद उनके IQ में गिरावट देखी गई है.उन्होंने यह भी कहा, एडटेक के ज्यादा इस्तेमाल से Gen Z की कॉगनेटिव डेवलेपमेंट कमजोर हुई है. उनका मानना है कि डिजिटल टेक्नोलॉजी पर बहुत ज्यादा निर्भरता के कारण इस पीढ़ी में दिमागी तौर पर कमजोर देखी गई है.