Holi 2026: बिन गुलाल होली के रंगों का मजा ही कहां है. पर होली खेलते हुए लोगों को चिंता रहती है कि कहीं केमिकल युक्त रंगों के प्रयोग से उनकी स्किन को नुकसान ना पहुंच जाए. इसलिए इस बार होली हो हर्बल गुलाल वाली. हर्बल गुलाल को आप टेसू के फूलों से तैयार कर सकते हैं. पुराने समय में लोग इन्हीं फूलों से हर्बल रंग बनाते थे, और बिना किसी शक के खूब होली खेलते थे. इस तरह से तैयार रंग त्वचा को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाते हैं. इनसे खुजली, जलन या एलर्जी जैसी समस्याएं नहीं होती हैं. बल्कि टेसू के फूलों से बने रंग त्वचा की रंगत को निखारने में मदद करते हैं.
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टेसू के फूलों से बनाएं गीला रंग
- टेसू के फूल तोड़ लें. इन्हें छांव में सुखा लें. जब फूल पूरी तरह से सूख जाएं तो इन्हें पानी में डालकर कुछ घंटे के लिए छोड़ देना है
- कुछ समय बाद आप देखेंगे कि फूलों का रंग पानी में घुल रहा है. ध्यान दें कि रंग पूरी तरह से पानी में घुल गए हों.
- अगर आपको रंग, पानी वाली होली खेलने के लिए चाहिए तो इससे खेल सकते हैं.
टेसू के फूलों से बनाएं हर्बल गुलाल
- टेसू के फूल तोड़ लें और इन्हें छांव में सुखा लें.
- फूल पूरी तरह से सुखा लेने हैं.
- सूखे फूलों को बारीक पीसकर पाउडर तैयार कर लें. हर्बल गुलाल तैयार है.
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टेसू के फूलों से बने रंग के फायदे
टेसू के फूलों से तैयार रंग त्वचा को किसी तरह के नुकसान नहीं पहुंचाते. खास तौर पर जिन लोगों को स्किन एलर्जी की समस्या है, उनके लिए ये रंग उपयुकत है. इससे बना गीला रंग या गुलाल, दोनों ही जल्दी साफ हो जाता है. इन रंगों को लगाने से त्वचा को ठंडक मिलती है. टेसू के फूलों को प्राकृतिक तौर पर त्वचा में चमक लाने वाला कहा गया है. अगर होली खेलते हुए ये रंग या गुलाल गलती से पेट में चला जाए तो भी नुकसान नहीं पहुंचाता है क्योंकि आयुर्वेद में टेसू को औषधीय पौधा कहा गया है.