अप्रैल-जून में घूमने का प्लान है? ये 4 फेस्टिवल मिस किए तो पछताएंगे, जानें क्यों है खास

अब ज्यादा लोग विदेश की बजाय भारत के अंदर ही नए अनुभव तलाश रहे हैं.  ऐसे में ‘फेस्टिवल ट्रैवल’ तेजी से पॉपुलर हो रहा है. अगर आप भी ऐसा ही कुछ अनुभव लेना चाहते हैं तो अप्रैल से जून के बीच देश के अलग-अलग हिस्सों में होने वाले ये चार बड़े फेस्टिवल आपके वेकेशन को बिल्कुल अलग बना सकते हैं.

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अप्रैल-जून में घूमने का प्लान है? ये 4 फेस्टिवल मिस किए तो पछताएंगे.

समय के साथ छुट्टियां मनाने और ट्रैवलिंग का ट्रेंड भी बदलता जा रहा है. लोग अब अपनी छुट्टियों को सिर्फ घूमने तक सीमित नहीं रखना चाहते, बल्कि उन्हें यादगार अनुभव में बदलना चाहते हैं.वो सिर्फ जगहें देखने नहीं, बल्कि वहां की संस्कृति, लोकल लाइफ और त्योहारों को महसूस करने निकल रहे हैं. अब ज्यादा लोग विदेश की बजाय भारत के अंदर ही नए अनुभव तलाश रहे हैं.  ऐसे में ‘फेस्टिवल ट्रैवल' तेजी से पॉपुलर हो रहा है. अगर आप भी ऐसा ही कुछ अनुभव लेना चाहते हैं तो अप्रैल से जून के बीच देश के अलग-अलग हिस्सों में होने वाले ये चार बड़े फेस्टिवल आपके वेकेशन को बिल्कुल अलग बना सकते हैं.

अप्रैल से जून के बीच होने वाले फेस्टिवल्स (Festivals taking place between April and June)

लद्दाख में रंग और रहस्य का संगम: हेमिस फेस्टिवल (24-25 जून)

अगर आप पहाड़ों की शांति के साथ कुछ अलग देखना चाहते हैं, तो जून में लद्दाख का रुख करें. यहां के मशहूर हेमिस मठ (Hemis Monastery) में होने वाला हेमिस फेस्टिवल बौद्ध परंपराओं की झलक दिखाता है. इस दौरान भिक्षु रंग-बिरंगे परिधान पहनकर मुखौटे के साथ ‘चाम' नृत्य करते हैं. संगीत, आध्यात्म और रहस्य का यह मेल इसे बाकी फेस्टिवल्स से अलग बनाता है.

मई की गर्मी में ठंडक का एहसास: ऊटी समर फेस्टिवल (संभावित 4-27 मई)

गर्मी से राहत चाहिए तो ऊटी से बेहतर ऑप्शन कम ही मिलेंगे. मई में यहां का समर फेस्टिवल पूरे शहर को रंगों से भर देता है. खास तौर पर गवर्नमेंट बॉटनिकल गार्डन ऊटी में लगने वाला फ्लावर शो काफी आकर्षण का केंद्र होता है, जहां हजारों किस्म के फूल एक साथ नजर आते हैं. इसके अलावा बोट रेस और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी माहौल को और खास बना देते हैं.

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केरल का सबसे भव्य नजारा: त्रिशूर पूरम (26 अप्रैल)

अगर आप कुछ ग्रैंड देखना चाहते हैं, तो केरल का त्रिशूर पूरम जरूर देखिए. त्रिशूर पूरम को ‘फेस्टिवल ऑफ फेस्टिवल्स' कहा जाता है. इसमें सजे-धजे हाथियों की लंबी कतार, छतरियों का शानदार प्रदर्शन और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की गूंज एक अलग ही माहौल बना देती है. यह अनुभव आपको लंबे समय तक याद रहेगा.

असम का सबसे बड़ा त्यौहार: बोहाग बिहू (14-20 अप्रैल)

अप्रैल की शुरुआत में अगर नॉर्थ-ईस्ट जाने का प्लान है, तो असम का बोहाग बिहू मिस न करें. यह असमिया नववर्ष का उत्सव है, जिसमें लोक संगीत, नृत्य और खाने-पीने की धूम रहती है. इस दौरान आप काजीरंगा नेशनल पार्क (Kaziranga National Park) भी घूम सकते हैं, जो मानसून शुरू होने से पहले तक खुला रहता है.

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इन फेस्टिवल्स की खास बात यह है कि यहां आपको सिर्फ घूमने का मौका नहीं मिलता, बल्कि हर जगह की असली पहचान को करीब से देखने का अनुभव भी मिलता है. अगर इस सीजन में ट्रिप प्लान कर रहे हैं, तो इन डेस्टिनेशंस को अपनी लिस्ट में जरूर शामिल करें, वरना बहुत कुछ मिस कर सकते हैं.

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